
प्यार ने तोड़ी मजहब की दीवार: आईमन बनी कृतिका, मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से मंदिर में लिए सात फेरे
उत्तर प्रदेश के Uttar Pradesh में एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने समाज में चर्चा का विषय बना दिया है। यहां एक मुस्लिम युवती ने अपने पांच साल पुराने प्रेम संबंध को शादी में बदलते हुए हिंदू युवक से विवाह कर लिया। खास बात यह रही कि युवती ने विवाह के बाद हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम भी बदल लिया। यह मामला Lalganj क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां इस शादी को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम युवती आईमन अहमद और हिंदू युवक शिवम एक ही इलाके के रहने वाले हैं। दोनों एक-दूसरे को कई वर्षों से जानते थे और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरे प्रेम संबंध में बदल गई। करीब पांच साल तक चले इस रिश्ते के बाद दोनों ने अपने संबंध को नया नाम देने का फैसला किया।
गांव की दोस्ती से शुरू हुई प्रेम कहानी
जानकारी के अनुसार युवती आईमन अहमद Semarpaha Village की रहने वाली है। इसी गांव में रहने वाले युवक शिवम से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों एक ही इलाके में रहने के कारण अक्सर एक-दूसरे के संपर्क में आते थे।
शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन समय के साथ उनका रिश्ता गहरा होता गया। दोनों ने एक-दूसरे को करीब से समझा और उनके बीच भरोसा भी मजबूत होता गया।
धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम में बदल गई और दोनों ने तय किया कि वे अपना पूरा जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहते हैं। हालांकि दोनों अलग-अलग धर्मों से थे, इसलिए उन्हें पता था कि उनका फैसला आसान नहीं होगा।
सामाजिक दबाव के बावजूद लिया फैसला
अंतरधार्मिक विवाह को लेकर समाज में अक्सर कई तरह की चर्चाएं और आशंकाएं होती हैं। आईमन और शिवम के सामने भी ऐसे कई सवाल आए।
दोनों को यह भी अंदाजा था कि परिवार और समाज की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
उनका कहना है कि उनका रिश्ता किसी दबाव या मजबूरी का नहीं बल्कि आपसी विश्वास और सच्चे प्रेम का परिणाम है। यही वजह थी कि उन्होंने सभी मुश्किलों का सामना करते हुए विवाह करने का निर्णय लिया।
मंदिर में संपन्न हुआ विवाह
बुधवार को दोनों ने विवाह करने का फैसला अमल में लाया। इसके लिए वे Balheshwar Temple पहुंचे।
मंदिर में मौजूद पुजारी की उपस्थिति में दोनों का विवाह पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कराया गया। विवाह के दौरान पारंपरिक विधि-विधान का पालन किया गया।
शिवम और आईमन ने अग्नि को साक्षी मानते हुए सात फेरे लिए और जीवन भर साथ निभाने की शपथ ली। मंदिर में मौजूद लोगों ने इस विवाह को देखा और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद भी दिया।
धर्म परिवर्तन और नया नाम
विवाह के बाद आईमन अहमद ने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम बदलकर कृतिका रख लिया।
अब वह कृतिका के नाम से जानी जाएंगी। नाम बदलने के बाद उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है और वह अपने नए जीवन को लेकर खुश हैं।
शिवम और कृतिका दोनों ने कहा कि उनका रिश्ता सच्चे प्रेम और विश्वास पर आधारित है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद ही उन्होंने शादी का फैसला किया।
परिवार और समाज की प्रतिक्रियाएं
इस विवाह की खबर फैलते ही इलाके में चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोग इस रिश्ते को प्रेम की जीत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक परंपराओं से अलग कदम मान रहे हैं।
गांव के कुछ लोगों का कहना है कि आज के समय में युवाओं के विचार बदल रहे हैं और वे अपने जीवन के फैसले खुद लेना चाहते हैं। वहीं कई लोग यह भी मानते हैं कि ऐसे मामलों में परिवारों की सहमति भी महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि नवविवाहित जोड़े ने कहा है कि उन्होंने यह फैसला पूरी सोच-समझ के बाद लिया है और वे अपने रिश्ते को जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे।
पांच साल के रिश्ते को मिला नया नाम
आईमन और शिवम का कहना है कि उनका रिश्ता अचानक नहीं बना। यह पांच वर्षों में धीरे-धीरे मजबूत हुआ।
इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, स्वभाव और जीवन के लक्ष्य को समझा। यही कारण है कि वे अपने फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे।
दोनों का मानना है कि किसी भी रिश्ते की नींव भरोसा और सम्मान होता है। अगर यह दो चीजें मौजूद हों तो रिश्ता लंबे समय तक टिकता है।
नई जिंदगी की शुरुआत
शादी के बाद शिवम और कृतिका ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर दी है। दोनों ने कहा कि वे मिलकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने रिश्ते को प्रेम, सम्मान और समझदारी के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उनके अनुसार प्रेम किसी धर्म, जाति या समाज की सीमाओं में बंधा नहीं होता। अगर दो लोग एक-दूसरे को सच्चे दिल से चाहते हैं तो वे हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।
फिलहाल यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे एक अनोखी प्रेम कहानी के रूप में देख रहे हैं, जिसने सामाजिक और धार्मिक सीमाओं को पार कर अपने रिश्ते को नया मुकाम दिया।



