
पटियाला में लापता भाजपा नेता अनिल मंगला का शव भाखड़ा नहर से बरामद, तीन दिन से चल रही थी तलाश
पंजाब के पटियाला जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल मंगला का शव भाखड़ा नहर से बरामद किया गया है। वे पिछले तीन दिनों से लापता थे और उनके परिजनों व समर्थकों में चिंता का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार को सर्च अभियान के दौरान गोताखोरों की टीम ने उनका शव नहर से निकाल लिया, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, अनिल मंगला मंगलवार शाम से अचानक गायब हो गए थे। परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन बंद मिला। जब देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन की गई।
तलाश के दौरान पटियाला-समाना रोड पर धनेठा गांव के पास भाखड़ा नहर के किनारे उनका स्कूटर, जैकेट और जूते मिले थे। इन सामानों के मिलने के बाद आशंका जताई गई कि वह नहर में गिर गए होंगे या किसी अन्य परिस्थिति में पानी में चले गए। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने नहर में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया।
स्थानीय गोताखोरों की टीम को भी अभियान में शामिल किया गया। भोले शंकर डाइवर क्लब के गोताखोर लगातार नहर में तलाश कर रहे थे। टीम के प्रधान शंकर भारद्वाज ने बताया कि कई घंटों की कोशिश के बाद शुक्रवार को शव नहर से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की औपचारिकताएं पूरी कीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव की पहचान अनिल मंगला के रूप में कर ली गई है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक तौर पर मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। फिलहाल यह जांच का विषय है कि यह आत्महत्या, हादसा या किसी अन्य कारण से हुई मौत है। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
मामले की जांच में पंजाब पुलिस ने कई पहलुओं को ध्यान में रखा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और उन लोगों से भी पूछताछ की जा रही है जिन्होंने उन्हें आखिरी बार देखा था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है और हर पहलू पर गंभीरता से जांच जारी है।
अनिल मंगला लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे और स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते थे। वे सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेते थे और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी। उनकी अचानक गुमशुदगी और फिर इस तरह शव मिलने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी दुख और स्तब्धता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अनिल मंगला मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और अक्सर जनसंपर्क कार्यक्रमों में नजर आते थे। उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी मौत से क्षेत्रीय राजनीति को भी नुकसान हुआ है। कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने घटना पर शोक व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना के बाद पुलिस ने परिजनों से भी बातचीत की है ताकि यह समझा जा सके कि हाल के दिनों में उनकी मानसिक स्थिति कैसी थी या किसी तरह का दबाव या विवाद तो नहीं था। परिवार ने भी मामले की गहराई से जांच की मांग की है ताकि मौत के असली कारण सामने आ सकें।
इस बीच, प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी तथ्यों को सामने लाकर मामले का सच उजागर किया जाएगा।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए दुखद है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच जल्द पूरी होगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अनिल मंगला के साथ क्या हुआ। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है और अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।


