
इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो बना जान का दुश्मन, डिलीवरी बॉय की चाकू से हत्या
पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में हुई डिलीवरी बॉय की हत्या ने सोशल मीडिया के खतरनाक असर को एक बार फिर उजागर कर दिया है। चार–पांच महीने पुराने एक झगड़े का वीडियो जब इंस्टाग्राम पर डाला गया, तो वही वीडियो एक युवक की मौत की वजह बन गया। इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया है।

मृतक की पहचान अरुण राज के रूप में हुई है। अरुण पटपड़गंज इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा अन्य सदस्य भी हैं। आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वह एक ऑनलाइन डिलीवरी एप से जुड़ा हुआ था और डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। रोजमर्रा की तरह सोमवार को भी वह काम पर निकला था, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि उसकी जिंदगी का अंत इतनी बेरहमी से होगा।
सोमवार रात करीब आठ बजे अरुण मयूर विहार इलाके में आचार्य निकेतन स्कूल के पास एक ऑर्डर डिलीवर करने पहुंचा। उसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक वहां आए और बिना कुछ कहे उस पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में अरुण गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
आसपास मौजूद लोगों ने खून से लथपथ अरुण को देखा तो तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पांडव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीन युवक बाइक पर आते, अरुण पर हमला करते और फिर भागते हुए दिखाई दिए। इसके आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में एक नाबालिग को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने जो कहानी बताई, उसने पूरे मामले की जड़ को उजागर कर दिया। आरोपी ने बताया कि चार–पांच महीने पहले उसका और अरुण का झगड़ा हुआ था। उस दौरान अरुण ने उसकी पिटाई कर दी थी और इस मारपीट का वीडियो भी बना लिया था। उस समय यह मामला वहीं शांत हो गया था, लेकिन हाल ही में अरुण ने वही पुराना वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही नाबालिग आरोपी को गहरा अपमान झेलना पड़ा। उसके दोस्त, जान-पहचान वाले और आसपास के लोग उसे ताने मारने लगे। सोशल मीडिया पर उसका मजाक उड़ाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया। धीरे-धीरे यह अपमान उसके भीतर गुस्से और बदले की भावना में बदल गया।
आरोपी ने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर अरुण से बदला लेने की साजिश रची। उन्होंने अरुण की दिनचर्या पर नजर रखनी शुरू कर दी। यह पता लगाया कि वह किस समय डिलीवरी के लिए निकलता है और किन इलाकों में जाता है। सोमवार रात जैसे ही अरुण ड्यूटी पर निकला, तीनों बाइक पर उसका पीछा करने लगे।
आचार्य निकेतन स्कूल के पास उन्हें मौका मिला और तीनों ने मिलकर अरुण पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि अरुण को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई ने उन्हें ज्यादा देर तक छिपने का मौका नहीं दिया।
पहले पकड़े गए नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। तीनों आरोपी नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें सुधार गृह भेज दिया गया।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अभिषेक धानिया ने बताया कि यह हत्या पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर अपमान का नतीजा है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। अरुण के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का कहना है कि अरुण ही घर का मुख्य कमाने वाला था। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
यह मामला सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी की पिटाई या अपमान से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर डालना न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे हालात बेकाबू भी हो सकते हैं। एक छोटी सी चूक या गुस्से में उठाया गया कदम किसी की जान तक ले सकता है।
पूर्वी दिल्ली की यह घटना इस बात की चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर डाले गए कंटेंट के दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। मामूली विवाद, जब सार्वजनिक अपमान में बदल जाता है, तो वह हिंसा और अपराध का रूप भी ले सकता है।



