
अवैध रिश्ते में बनी सास बाधा, बहू ने रची खौफनाक साजिश और ले ली जान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत दोनों को झकझोर कर रख दिया है। निशातगंज इलाके में एक बहू द्वारा अपनी ही सास की बेरहमी से हत्या करने की वारदात ने पूरे शहर में दहशत फैला दी है। यह घटना न केवल एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध संबंध किस तरह इंसान को अपराध की हद तक ले जा सकते हैं।

मृतका की पहचान 69 वर्षीय निर्मला देवी के रूप में हुई है, जो सचिवालय से सेवानिवृत्त थीं। वे अपने बेटे त्रिदेश, बहू रंजना और पोते-पोतियों के साथ निशातगंज की गली नंबर-3 में रहती थीं। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्तों में दरार गहराती जा रही थी, जिसका अंत बेहद भयावह तरीके से हुआ।
शनिवार दोपहर करीब 4 बजे की यह घटना उस समय सामने आई, जब निर्मला देवी का पोता आदित्य, जो एक डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है, अपने काम से घर लौटा। घर पहुंचने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे कुछ अनहोनी की आशंका हुई। किसी तरह अंदर पहुंचने पर उसने जो दृश्य देखा, वह बेहद डरावना था। उसकी दादी का शव कमरे में पड़ा हुआ था, उनके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और गले पर गहरे निशान थे।
यह नजारा देखते ही आदित्य की चीख निकल गई। उसकी आवाज सुनकर ऊपर रहने वाले किराएदार पिंटू मौर्य नीचे आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। साथ ही मृतका के बेटे त्रिदेश को भी खबर दी गई, जो उस समय बिजली विभाग में अपनी ड्यूटी पर थे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में ही मामला संदिग्ध नजर आया, क्योंकि घर में जबरन घुसने या लूटपाट के कोई निशान नहीं मिले थे। ऐसे में शक सीधे घर के लोगों पर गया, खासकर बहू रंजना पर।
पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि रंजना का किसी बाहरी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था। इस बात की जानकारी उसकी सास निर्मला देवी को हो गई थी और वे लगातार इस रिश्ते का विरोध कर रही थीं। परिवार की मर्यादा और समाज की इज्जत को ध्यान में रखते हुए वे बहू को समझाने की कोशिश करती थीं, लेकिन यही बात रंजना को नागवार गुजर रही थी।
बताया जा रहा है कि इसी वजह से रंजना ने अपनी सास को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उसने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक योजना को अंजाम दिया। घटना के दिन घर में रंजना और उसकी छोटी बेटी मौजूद थीं, जबकि बड़ी बेटी अपने ननिहाल उन्नाव गई हुई थी। पुलिस का मानना है कि इसी मौके का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
निर्ममता की हद पार करते हुए पहले वृद्ध महिला के हाथ-पैर रस्सी से बांधे गए, ताकि वह विरोध न कर सकें। इसके बाद गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के इस तरीके से साफ जाहिर होता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, न कि अचानक गुस्से में उठाया गया कदम।
पुलिस ने मुख्य आरोपी रंजना को हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके कथित प्रेमी की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम सबूत जुटाए हैं, जिनमें उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य शामिल हैं।
मृतका के बेटे त्रिदेश, जो बिजली विभाग में संविदा कर्मी हैं, इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। परिवार के अन्य सदस्यों और मोहल्ले के लोगों में भी गहरा शोक है। पड़ोसियों के अनुसार, निर्मला देवी एक शांत स्वभाव की महिला थीं और पूरे परिवार को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती थीं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और अवैध संबंध किस हद तक समाज को प्रभावित कर रहे हैं। जहां एक ओर एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक हत्या हुई, वहीं दूसरी ओर एक पूरा परिवार बिखर गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना से जुड़े और भी कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि रिश्तों में विश्वास और संवाद की कमी किस तरह भयावह परिणाम दे सकती है।



