
₹500 के विवाद में पिटाई के बाद युवक की मौत, श्मशान घाट से पुलिस ने लिया शव कब्जे में
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कमला नगर थाना क्षेत्र के अनुराग नगर में 500 रुपये के विवाद में एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। अगले दिन उसकी तबीयत बिगड़ने पर जब परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में आक्रोश फैल गया।
मामला सामने आने के बाद जब मृतक के परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तभी पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार से पहले ही शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया है, जबकि पुलिस का कहना है कि शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना कमला नगर थाना क्षेत्र के बल्केश्वर स्थित अनुराग नगर की है। यहां ममता नाम की महिला पिछले करीब 20 वर्षों से किराए के मकान में रह रही हैं। ममता ने बताया कि लगभग 15 साल पहले उनके माता-पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनका भाई दीपू दिवाकर भी राजस्थान से आगरा आकर उनके साथ रहने लगा था। दीपू पेशे से हलवाई का काम करता था और आसपास के इलाकों में छोटे-मोटे कार्यक्रमों में खाना बनाने का काम करता था।
परिवार के मुताबिक, सोमवार की देर रात करीब 12 बजे इलाके में कुछ युवक जुआ खेल रहे थे। इसी दौरान दीपू भी वहां पहुंच गया। जुआ खेलने के दौरान अचानक पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि वाल्मीकि बस्ती के कुछ युवकों ने दीपू पर जुए की फड़ से 500 रुपये उठाने का आरोप लगा दिया।
इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद युवकों ने दीपू की जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने मिलकर उसे बुरी तरह मारा-पीटा। इस घटना के दौरान दीपू ने डायल 112 पर फोन करके पुलिस को भी बुलाया था।
घटना के समय वहां मौजूद सुरेश नाम के युवक ने बताया कि दीपू पहले से ही जुए में करीब 25 हजार रुपये हार चुका था। इस वजह से वह काफी परेशान था और सुबह से शराब भी पी रहा था। जब उसने जुए की फड़ से पैसे उठाने की कोशिश की तो वहां मौजूद युवकों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उस समय पुलिस ने दीपू को नशे की हालत में देखकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई और उसे घर जाने के लिए कह दिया।
बताया जा रहा है कि इसके बाद दीपू अपने कमरे में चला गया। मंगलवार सुबह उसने अपनी बहन ममता को फोन करके बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और उसे काफी कमजोरी महसूस हो रही है। भाई की हालत खराब होने की बात सुनकर ममता तुरंत उसके कमरे पर पहुंची।
ममता ने बताया कि जब वह वहां पहुंची तो दीपू बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। यह देखकर वह घबरा गई और आसपास के लोगों की मदद से उसे तुरंत पास के अस्पताल लेकर गई। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
दीपू की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मंगलवार सुबह परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए बल्केश्वर स्थित श्मशान घाट पहुंच गए।
इसी बीच सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच दीपू की पिटाई का एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मोहल्ले के लोगों और दिवाकर समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोप लगाया कि दीपू की पीट-पीटकर हत्या की गई है।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई। बस्ती के कुछ युवकों ने पुलिस को सूचना दी कि शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस श्मशान घाट पहुंची और अंतिम संस्कार से पहले ही शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमार्टम कराना जरूरी था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने बताया कि युवक की मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर किसी गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी तक मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत यानी तहरीर नहीं दी गई है। अगर परिजन शिकायत देते हैं तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जैसे ही दीपू की मौत की खबर फैली, मारपीट में शामिल बताए जा रहे युवक बस्ती छोड़कर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूली पैसों के विवाद में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते विवाद को शांत करा दिया जाता तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दीपू की मौत के पीछे असली कारण क्या है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



