
होली की रात बना कहर: तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से मेडिकल छात्र की मौत, ओवरब्रिज पर पसरा सन्नाटा
होली की खुशियों के बीच गोरखपुर में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने रंगों के इस त्योहार को मातम में बदल दिया। शहर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर बुधवार देर रात तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से मेडिकल कॉलेज के तीसरे वर्ष के छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद युवक उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग में जा फंसा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान आकाश पांडेय के रूप में हुई है, जो मूल रूप से संत कबीर नगर जिले का निवासी था और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह देर रात असुरन चौराहे की ओर से अपने हॉस्टल की तरफ स्कूटी से लौट रहा था। उसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उसकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसयूवी की रफ्तार काफी ज्यादा थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी कई मीटर दूर जा गिरी, जबकि आकाश हवा में उछलकर सीधे ओवरब्रिज की लोहे की रेलिंग से जा टकराया। हेलमेट उसके सिर से निकलकर सड़क पर दूर जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने जब यह मंजर देखा तो चीख-पुकार मच गई।
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ लोगों ने छात्र को रेलिंग से निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉर्च्यूनर को जब्त कर लिया गया है और चालक सहित उसमें सवार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि वाहन चालक नशे में हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
इस हादसे के बाद मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए। कई लोग घटना का वीडियो बनाने लगे, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज में भी शोक की लहर दौड़ गई। साथी छात्र और शिक्षक स्तब्ध रह गए। जिस छात्र ने डॉक्टर बनकर लोगों की जान बचाने का सपना देखा था, वह खुद एक लापरवाह ड्राइविंग का शिकार हो गया।
आकाश पांडेय के परिजनों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार में मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि आकाश पढ़ाई में बेहद मेधावी था और अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। उसके पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया था। होली के मौके पर घर न जाकर पढ़ाई में व्यस्त रहने वाले आकाश की इस तरह असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। यहां रात के समय अक्सर वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। पर्याप्त निगरानी और सख्ती के अभाव में लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं। त्योहारों के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई लोग नशे में वाहन चलाते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की क्या स्थिति थी। अगर नशे में गाड़ी चलाने की पुष्टि होती है, तो आरोपी पर सख्त धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की जरूरत को रेखांकित करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी तबाह कर सकती है। होली जैसे त्योहार पर, जब लोग खुशियां मनाने में डूबे होते हैं, ऐसे हादसे समाज को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
आकाश पांडेय की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लापरवाह ड्राइविंग यूं ही मासूम जिंदगियों को लीलती रहेगी? प्रशासन को जहां सख्ती बढ़ाने की जरूरत है, वहीं आम नागरिकों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़क पर एक छोटी सी चूक किसी के सपनों और किसी परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। होली की रात हुआ यह दर्दनाक हादसा शहर के लोगों के जेहन में लंबे समय तक एक टीस की तरह बना रहेगा।



