
होली की आहट के साथ बढ़ी यात्रियों की आवाजाही, स्टेशनों और बस अड्डों पर उमड़ी भीड़; रेलवे ने बढ़ाए इंतजाम
होली के पर्व के नजदीक आते ही राजधानी दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों में घर लौटने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। रोज़गार, शिक्षा और कारोबार के सिलसिले में महानगरों में रहने वाले लोग अब अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने-अपने शहरों और गांवों की ओर लौट रहे हैं। इसका असर सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर दिखाई दे रहा है, जहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन और रेलवे विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राजधानी का सबसे व्यस्त स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन इन दिनों यात्रियों से खचाखच भरा हुआ है। सुबह से देर रात तक प्लेटफॉर्म, टिकट खिड़की और प्रतीक्षालयों में लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्टेशन परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश व निकास के अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। इससे यात्रियों को अंदर आने और बाहर निकलने में सुविधा हो रही है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस बार त्योहार के मद्देनजर भीड़ का अनुमान पहले ही लगा लिया गया था, इसलिए समय रहते व्यवस्थाएं बढ़ा दी गईं। स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है और प्लेटफॉर्म पर लगातार घोषणाएं कर यात्रियों को ट्रेन की स्थिति की जानकारी दी जा रही है। यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां रेलवे कर्मचारी टिकट, प्लेटफॉर्म और समय सारिणी से संबंधित जानकारी दे रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली स्थित आनंद विहार टर्मिनल पर भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाली ट्रेनों में विशेष भीड़ देखी जा रही है। कई यात्री तो निर्धारित समय से कई घंटे पहले ही स्टेशन पहुंच रहे हैं ताकि ट्रेन छूटने का जोखिम न रहे। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां विशेष प्रतीक्षा क्षेत्र बनाए गए हैं, जहां उन्हें व्यवस्थित ढंग से रोका जा रहा है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि त्योहारों के समय भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कई अतिरिक्त होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इन ट्रेनों को विशेष रूप से उन मार्गों पर चलाया जा रहा है जहां यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है, जैसे पूर्वांचल, बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए।
रेलवे की ओर से छपरा से आनंद विहार तथा गोरखपुर से दिल्ली के बीच विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों में एसी, स्लीपर और जनरल कोच की व्यवस्था की गई है ताकि हर वर्ग के यात्री आराम से यात्रा कर सकें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त ट्रेनों से न केवल सामान्य ट्रेनों पर दबाव कम होगा बल्कि वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
सुरक्षा के लिहाज से स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है। कंट्रोल रूम से लगातार फुटेज पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपने सामान की जिम्मेदारी खुद लें और किसी भी संदिग्ध वस्तु को तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
रेलवे के साथ-साथ बस अड्डों पर भी भीड़ का दबाव बढ़ गया है। अंतरराज्यीय बस अड्डों से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा जाने वाली बसों में यात्रियों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई लोग ट्रेन में टिकट न मिलने के कारण बसों से सफर करने को मजबूर हैं। परिवहन विभाग ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है और निजी बस ऑपरेटरों को भी सेवाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारों के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबी कतारें, टिकट की कमी, भीड़भाड़ और सुरक्षा चिंताएं आम बात हैं। लेकिन इस बार रेलवे और प्रशासन की तैयारियां अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई दे रही हैं। मेडिकल सहायता केंद्र, पीने के पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई और सहायता काउंटर जैसे इंतजाम यात्रियों को राहत दे रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली तक यह भीड़ और बढ़ सकती है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं, ऑनलाइन टिकट बुक करें और स्टेशन पर समय से पहले पहुंचें। जिन यात्रियों के पास कन्फर्म टिकट नहीं है, वे अनधिकृत दलालों से टिकट खरीदने से बचें।
त्योहारों के दौरान घर लौटने की यह परंपरा भारतीय समाज की भावनात्मक संरचना को दर्शाती है। चाहे लोग कितनी भी दूर क्यों न चले जाएं, त्योहारों पर परिवार के साथ समय बिताने की इच्छा उन्हें वापस अपने शहर खींच लाती है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर उमड़ती भीड़ उसी भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर पेश करती है।
प्रशासन को उम्मीद है कि अतिरिक्त ट्रेनों, बसों और सुरक्षा इंतजामों के चलते इस बार यात्रियों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है, लेकिन यदि व्यवस्थाएं इसी तरह सक्रिय रहीं तो यात्रा अनुभव बेहतर बनाया जा सकता है।



