
हिट एंड रन की हैवानियत: बेटे को स्कूल छोड़ने निकले पिता की सड़क पर दर्दनाक मौत
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। रोजमर्रा की तरह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने निकले एक पिता की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई। सबसे दुखद बात यह रही कि यह सब कुछ उस 10 साल के मासूम बच्चे की आंखों के सामने हुआ, जो अपने पिता के साथ स्कूटी पर बैठकर स्कूल जा रहा था।

यह दर्दनाक घटना गुरुग्राम के इफको चौक के पास सुबह करीब सवा सात बजे हुई। 45 वर्षीय दीपक कुमार अपने परिवार के साथ सरहोल गांव में रहते थे और पशुपालन विभाग में कार्यरत थे। वे रोज की तरह उस दिन भी अपने बेटे को सोहना रोड स्थित निजी स्कूल छोड़ने जा रहे थे। सुबह का समय होने के कारण सड़क पर स्कूल बसें, दोपहिया वाहन और कारों की आवाजाही सामान्य थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सुबह एक परिवार के लिए हमेशा के लिए काली बन जाएगी।
जैसे ही दीपक कुमार अपनी स्कूटी लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इफको चौक के पास पहुंचे, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कैब ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी सड़क पर फिसल गई और पिता-बेटा दोनों नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद कुछ सेकंड के लिए सड़क पर सन्नाटा छा गया, लेकिन अगले ही पल हालात और भयावह हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कैब चालक ने रुकने या मदद करने के बजाय वाहन को आगे बढ़ाया और दीपक कुमार को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। सड़क पर पड़े दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो चुके थे और उनके शरीर से लगातार खून बह रहा था। वहीं कुछ दूरी पर उनका बेटा भी घायल अवस्था में पड़ा था, जो डर और दर्द के मारे जोर-जोर से रो रहा था।
सबसे हृदयविदारक दृश्य वह था, जब मासूम बच्चा अपने पिता को उठाने की कोशिश करता रहा और मदद के लिए आसपास के लोगों को पुकारता रहा। कुछ ही मिनटों में दीपक कुमार ने उसी सड़क पर दम तोड़ दिया, जहां से वे अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत कराने निकले थे। पिता की आंखें खुली थीं, लेकिन सांसें थम चुकी थीं, और बेटा यह समझ ही नहीं पा रहा था कि उसके साथ क्या हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही सेक्टर-29 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले घायल बच्चे को संभाला और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को हादसे की पूरी जानकारी दी और बताया कि कैब चालक बेहद तेज रफ्तार में था।
पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों को मिली, वे बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। पत्नी और अन्य परिजन शव को देखकर फूट-फूट कर रोने लगे। आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।
पुलिस ने अज्ञात कैब चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और हिट एंड रन की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार चालक और वाहन की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कैब चालक ने जानबूझकर मौके से भागने का फैसला किया, जबकि वह रुककर घायल को अस्पताल पहुंचा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे और खासकर इफको चौक के आसपास तेज रफ्तार वाहनों का आतंक आम बात हो गई है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में सख्त ट्रैफिक निगरानी और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हिट एंड रन मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पिता, जो अपने बेटे को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए रोज मेहनत करता था, उसी बेटे के सामने इस दुनिया से चला गया। इस घटना का असर उस मासूम बच्चे के मन और जीवन पर गहरा घाव छोड़ गया है, जिसे शायद वह कभी नहीं भूल पाएगा।
फिलहाल घायल बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी कैब चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही गई है।
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम और लापरवाही का नतीजा है। जब तक तेज रफ्तार और गैर-जिम्मेदार ड्राइविंग पर सख्ती नहीं होगी, तब तक ऐसे मासूम बच्चों को अपने माता-पिता खोने का दर्द झेलना पड़ेगा। यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर की गई एक छोटी सी गलती किसी परिवार की पूरी जिंदगी उजाड़ सकती है।



