
हरियाणा में अग्नि सुरक्षा का बड़ा विस्तार: 59 नए फायर स्टेशन, ग्रामीण से पहाड़ी इलाकों तक मिलेगा त्वरित सुरक्षा कवच
हरियाणा सरकार ने आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अग्नि एवं आपातकालीन सेवाओं को नई ताकत देने का फैसला किया है। राज्य में 59 नए फायर स्टेशनों की स्थापना का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है और इसे लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस कदम से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण, औद्योगिक और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

प्रदेश में हर साल गर्मी और गेहूं कटाई के मौसम के दौरान आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। खेतों में फसल, औद्योगिक इकाइयां और घनी आबादी वाले इलाके इस दौरान सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने अग्नि सेवाओं के बुनियादी ढांचे के व्यापक विस्तार को प्राथमिकता दी है, ताकि समय पर मदद पहुंचाकर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
वर्तमान में हरियाणा में 89 फायर स्टेशन कार्यरत हैं, जिनकी पहुंच मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। कई कस्बों, उपमंडलों और नए औद्योगिक क्षेत्रों में संसाधनों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी अंतर को भरने के लिए जोखिम-आधारित मैपिंग कराई गई और जरूरत के अनुसार नए फायर स्टेशनों को मंजूरी दी गई।
तेज़ रिस्पॉन्स, ज्यादा सुरक्षा
59 नए फायर स्टेशन शुरू होने से आपात स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय कमी आएगी। शुरुआती चरण में ही आग पर काबू पाया जा सकेगा, जिससे बड़ी घटनाओं की आशंका घटेगी और ग्रामीण इलाकों को भी त्वरित राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढांचा
नए फायर स्टेशन केंद्र सरकार के तय मानकों के अनुसार स्थापित किए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में लगभग हर 10 किलोमीटर और ग्रामीण इलाकों में 50 किलोमीटर के दायरे को ध्यान में रखकर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और मानक संचालन प्रणाली इस विस्तार का हिस्सा होंगे।
एनसीआर, उद्योग और पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
योजना के तहत एनसीआर क्षेत्र में 20 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे, जहां शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। पानीपत और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक जिलों में अग्नि सेवाओं को अतिरिक्त मजबूती दी जाएगी।
इसके अलावा पंचकूला की शिवालिक पहाड़ियों में जंगलों में लगने वाली आग से निपटने के लिए पिंजौर, मोरनी, रायपुर रानी और कालका क्षेत्र में नए फायर स्टेशन स्थापित होंगे, जिससे पहाड़ी इलाकों में भी त्वरित पहुंच संभव होगी।
जिला-वार वितरण (संक्षेप में):
गुरुग्राम (10), पानीपत (6), झज्जर (6), पंचकूला (5), फरीदाबाद (4), जींद (3);
अंबाला, भिवानी, हिसार, कुरुक्षेत्र, रोहतक, यमुनानगर (2-2);
चरखी दादरी, फतेहाबाद, करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल (1-1)।
मुख्यमंत्री की स्वीकृति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि 59 नए फायर स्टेशन महज संख्या नहीं, बल्कि हरियाणा में तेज़, भरोसेमंद और सुलभ आपदा-प्रबंधन प्रणाली की दिशा में एक निर्णायक कदम हैं।

