
हरियाणा में 3–4 अप्रैल को मौसम का अलर्ट, तेज आंधी और बारिश से किसानों की बढ़ी टेंशन
हरियाणा में मौसम एक बार फिर अचानक करवट लेने वाला है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। अप्रैल की शुरुआत में जहां लोग गर्मी के बढ़ने की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इस संभावित बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण बताया जा रहा है, जो इन दिनों सक्रिय हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन दो दिनों के दौरान कई जिलों में मध्यम से लेकर तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और आसमान में बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगहों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्च महीने की बात करें तो इस बार हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में औसतन 19 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई। सबसे ज्यादा असर रोहतक और रेवाड़ी जिलों में देखने को मिला, जहां बारिश सामान्य से कहीं अधिक रही। इससे जहां एक ओर कुछ फसलों को फायदा हुआ, वहीं कई जगहों पर नुकसान भी झेलना पड़ा।
फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा कम चल रहा है। इससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने सभी को परेशान कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की दिशा बदल सकती है, जिससे रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, जबकि दिन का तापमान लगभग स्थिर रहेगा।
न्यूनतम तापमान में हाल ही में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। औसतन करीब 1.1 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य सीमा के भीतर ही है। सोनीपत में सबसे कम 13.9°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस समय के हिसाब से थोड़ा कम माना जाता है। इसके अलावा हिसार में 17.2°C, करनाल में 15.5°C और रोहतक में भी लगभग 17.2°C तापमान दर्ज किया गया।
गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान करीब 16°C रहा, जबकि भिवानी और सिरसा जैसे इलाकों में यह 20°C के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में रात का तापमान थोड़ा बढ़ेगा, जिससे मौसम में हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है।
किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान कई फसलें पककर तैयार हो जाती हैं। खासतौर पर गेहूं की फसल की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में अगर तेज बारिश या आंधी आती है, तो इससे फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है या खराब हो सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। जिन किसानों की फसल तैयार है, वे जल्द से जल्द कटाई कर लें या उसे सुरक्षित स्थान पर रख लें। इसके अलावा खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है।
मौसम के इस बदलाव का असर आम लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ सकता है। तेज हवाओं और बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में 3 और 4 अप्रैल को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

