
हरदोई में प्रेम ने लांघी रिश्तों की सीमा, जीजा–साली की खुदकुशी से मचा कोहराम
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ रिश्तों की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि दो परिवारों की दुनिया भी उजाड़ दी। जीजा और साली के बीच पनप रहा प्रेम अंततः इतना भयावह मोड़ ले बैठा कि दोनों ने लखनऊ–दिल्ली रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि परिजन गहरे सदमे में हैं।

यह दर्दनाक हादसा देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास बुधवार देर रात करीब 2:15 बजे हुआ। उस समय इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था। ट्रेन गुजरने के बाद जब रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के क्षत-विक्षत शव देखे गए तो हड़कंप मच गया। शवों की हालत इतनी खराब थी कि मौके पर पहचान संभव नहीं हो सकी। बाद में मोर्चरी में कपड़ों और शरीर पर मौजूद निशानों के आधार पर परिजनों ने दोनों की शिनाख्त की।
हरियाणा में नौकरी, गांव से बढ़ती दूरी
मृत युवक की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा गांव निवासी रितेश कुमार सिंह (28) के रूप में हुई। रितेश हरियाणा के बहादुरगढ़ में रेक्सीन सोल बनाने वाली एक फैक्टरी में काम करता था। परिजनों के अनुसार वह शादी के लिए तैयार नहीं था, लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते 3 जुलाई 2024 को उसकी शादी सुमेरपुर निवासी शिवी सिंह से करा दी गई।
शादी के बाद रितेश का ससुराल आना-जाना बढ़ गया, जबकि वह अपने गांव कम ही लौटता था। बीते छह से सात महीनों से वह घर नहीं आया था। इसी दौरान उसका अपनी साली मुस्कान (23) से नजदीकियां बढ़ीं, जिसकी भनक धीरे-धीरे दोनों परिवारों को लगने लगी थी।
दवा लेने गई मुस्कान, फिर नहीं लौटी
13 जनवरी की सुबह मुस्कान ने परिजनों से मल्लावां बाजार दवा लेने की बात कही और घर से निकल गई। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार चिंतित हो गया। खोजबीन शुरू हुई और शक सीधे रितेश पर गया। इसकी सूचना रितेश के भाई साकेत को दी गई।
साकेत ने फोन पर रितेश से संपर्क किया तो उसने अगले दिन गांव आने की बात कही, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसी ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी।
बुआ के घर छोड़ा सामान, फिर हुआ गायब
बुधवार रात करीब 12 बजे रितेश शहर के सुभाषनगर मोहल्ले में रहने वाली अपनी बुआ बिट्टी सिंह के घर पहुंचा। वह कुछ ही देर वहां रुका और अपना बैग व मोबाइल फोन वहीं छोड़ दिया। उसने बुआ से कहा कि किसी जरूरी काम से लखनऊ जा रहा है और सुबह ये सामान साकेत को दे देना।
उस समय किसी को अंदेशा नहीं था कि यह रितेश की आखिरी मुलाकात साबित होगी।
सीसीटीवी से खुला राज
पुलिस जांच में सुभाषनगर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इनमें मुस्कान को बुधवार रात बुआ के घर के आसपास देखा गया। माना जा रहा है कि वह रितेश को लेने वहां पहुंची थी। फुटेज के अनुसार, दोनों कुछ समय बाद साथ में वहां से निकलते नजर आए। इसके बाद वे सीधे रेलवे ट्रैक की ओर गए, जहां उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
शरीर के निशानों से हुई पहचान
ट्रेन से कटने के कारण दोनों के शव कई हिस्सों में बंट गए थे। मोर्चरी पहुंचे रितेश के भाई साकेत ने उसके बाएं कान के पीछे मौजूद तिल और पहने हुए कपड़ों से पहचान की। वहीं मुस्कान की मां नीतू सिंह ने भी बेटी के कपड़ों और शरीर के चिन्हों के आधार पर उसकी शिनाख्त की। इस दृश्य ने परिजनों को पूरी तरह तोड़ दिया।
45 मिनट तक बाधित रहा रेल यातायात
घटना के समय हावड़ा से काठगोदाम जा रही बाघ एक्सप्रेस उसी ट्रैक से गुजर रही थी। लोको पायलट ने ट्रैक पर शव देखकर तुरंत ट्रेन रोक दी और स्टेशन मास्टर को सूचना दी। पुलिस और रेलवे कर्मचारियों को शव हटाने में समय लगा, जिससे ट्रेन करीब 45 मिनट तक वहीं खड़ी रही।
पुलिस का बयान: प्रेम प्रसंग का मामला

अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह और सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।



