
स्कूल गेट पर दुस्साहस: करनाल में छात्रा को कार में खींचने की कोशिश नाकाम, साहस और शोर से बची बड़ी वारदात
हरियाणा के करनाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दिनदहाड़े स्कूल के बाहर दो छात्राओं को जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश की गई। हालांकि, छात्राओं की सूझबूझ और साहस के चलते यह बड़ी वारदात टल गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

यह घटना असंध थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां 23 मार्च को दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच यह वारदात हुई। जानकारी के अनुसार, एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की दो छात्राएं—जो आपस में बहन और चचेरी बहन बताई जा रही हैं—स्कूल की छुट्टी के बाद घर जाने के लिए बाहर निकली थीं।
जैसे ही दोनों छात्राएं स्कूल गेट के बाहर पहुंचीं, तभी एक संदिग्ध कार—Maruti Fronx—आकर उनके पास रुकी। कार में सवार एक अज्ञात युवक ने अचानक उनमें से एक छात्रा को पकड़कर जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि कुछ पल के लिए छात्राएं घबरा गईं।
लेकिन खतरे को भांपते हुए दोनों छात्राओं ने हिम्मत दिखाई और जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने खुद को छुड़ाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और मदद के लिए दौड़ पड़े।
पास में स्थित श्मशान घाट से भी कुछ लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे। लोगों को अपनी ओर आता देख आरोपी घबरा गया और तुरंत कार में बैठकर वहां से फरार हो गया। आरोप है कि भागते समय आरोपी ने रास्ते में खड़े लोगों को डराने और भगाने के लिए कार से टक्कर मारने की भी कोशिश की।
घटना की पूरी वारदात गांव के सरपंच द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। यह फुटेज अब पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत बन गई है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित छात्राओं के परिजनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए असंध के महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी युवक ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देने की कोशिश की और अगर छात्राएं शोर न मचातीं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
मामले की जानकारी देते हुए महिला थाना प्रभारी सुनीता ने बताया कि पुलिस ने अपहरण के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। स्कूल जाने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों में खासा डर देखा जा रहा है। कई अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और खासकर छात्राओं को आत्मरक्षा के बुनियादी उपाय सिखाना बेहद जरूरी है। साथ ही, उन्हें यह भी बताया जाना चाहिए कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया दें और तुरंत मदद कैसे प्राप्त करें।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि अपराधी अब दिनदहाड़े भी वारदात को अंजाम देने से नहीं डरते। ऐसे में समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर सतर्क रहने की जरूरत है।
साथ ही, स्कूल प्रबंधन को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए छुट्टी के समय सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने चाहिए, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित घर पहुंच सकें।
इस पूरे मामले में सबसे राहत की बात यह रही कि छात्राओं ने समय रहते हिम्मत दिखाई और अपनी जान बचा ली। उनकी सूझबूझ ने एक बड़ी घटना को होने से रोक दिया।
अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा के प्रति लापरवाही नहीं बरती जा सकती। सतर्कता, जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

