
समाज की महिलाओं एवं बेटियों की आदर्श है – प्रवक्ता स्वरूप रानी
गृहस्थी संभालने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में विशेष भूमिका निभा रही है।
राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष:-ओमप्रकाश डाबला की कलम से:-
समाज की महिलाओं एवं बेटियों की आदर्श है – प्रवक्ता स्वरूप रानी
गृहस्थी संभालने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में विशेष भूमिका निभा रही है।स्कूल स्तर पर अपनी कक्षाओं में अव्वल रहने वाली स्वरूप रानी का बचपन में ही शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां अर्जित करने का सपना था। पढ़ाई के दौरान शादी हुई तो आगे पढ़ने का सपना टूटता नजर आने लगा। शादी और बच्चे होने के बाद संयुक्त परिवार में पति और सास का साथ मिला,तो शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल करते हुए स्वरूप रानी ने अपने बच्चों के साथ साथ स्कूल की कई छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा मुकाम हासिल करने के लिए तैयार किया। इसका नतीजा यह है कि प्रवक्ता स्वरूप रानी नेशनल लेवल का प्रशस्ति पत्र खुद हासिल कर चुकी है। उन्होंने अपने स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों को नेशनल लेवल एडवेंचर फेस्टिवल के लिए चयनित करवा कर बड़ी भूमिका अदा की थी। शिक्षा विभाग के सरकारी कार्यक्रम रंगोत्सव मे स्वरूप रानी ने स्वयं राज्य स्तर पर पोजीशन हासिल की थी। कला उत्सव में गुड़ियानी सरकारी स्कूल स्वरूप रानी की वजह से राज्य स्तर पर अपनी पहचान बन चुका है। मूल रूप से कोसली की रहने वाली स्वरूप रानी का मायका जिला महेंद्रगढ़ के अटेली में है। स्वरूप रानी के पिता आर्मी में सूबेदार मेजर पद पर रहे हैं। स्वरूप रानी की शादी कोसली निवासी अशोक यादव के साथ हुई। अशोक यादव के पास पिता हेडमास्टर रामचंद्र व दादाजी प्रथम विश्व युद्ध के योद्धा पृथ्वी सिंह की मृत्यु बाद संयुक्त परिवार की पूर्ण जिम्मेदारियां थी। जिनको पूर्ण करने में स्वरूप रानी ने अपने पति के साथ मिलकर अहम भूमिका अदा की। सास मूर्ति देवी ने बहु को बेटी के रूप में प्रोत्साहित किया परिणाम स्वरूप तीन विषयों में एम ए अच्छे अंको से पास की। साथ ही स्वरूप रानी ने ऐचटेट, सीटेट, यूजीसी नेट क्लियर किया। उनका एक्साइज इंस्पेक्टर, बीडीपीओ, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर में लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन हुआ। लेकिन स्वरूप रानी ने शिक्षा के क्षेत्र को चुना। आज वह राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुड़ियानी में समाजशास्त्र प्रवक्ता पद पर कार्यरत है। उन्होंने बच्चों और महिलाओं को आगे बढ़ाया स्वरूप रानी ने अपने शिक्षक के दायित्व को बखूबी निभाने के साथ-साथ महिलाओं को सशक्त बनाने में बड़ा योगदान दिया है। लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया, रूढ़िवादी सोच को बदलने का प्रयास, बाल विवाह ,नशा मुक्ति के खिलाफ, भ्रूण हत्या, उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई। साथ ही स्वरूप रानी गृहणी ,पत्नी और मां के रूप में अपना दायित्व को अच्छे से निभाया। स्वरूप रानी का बेटा डॉ दीपांशु यादव बिना किसी कोचिंग के डीएम कार्डियोलॉजिस्ट वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ है तथा बेटी डॉक्टर तमन्ना यादव एमडी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। स्वरूप रानी राष्ट्रीय कार्य कर्मों तथा सामाजिक स्थान पर मंच संचालिका का कार्य भी कर चुकी है। वह अपना समय स्कूल, समाज और परिवार को दे रही है। शिक्षा व दूसरे क्षेत्रों में ग्रामीण बच्चों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। — पारिवारिक परिस्थितियों ने रोका पीएचडी का रास्ता —- स्वरूप रानी ने बताया कि एमडीयू की प्रि पीएचडी की लिखित परीक्षा भी पास की थी लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियां के चलते पी एचडी छोड़नी पड़ी। वह आज समाज में निस्वार्थ अग्रणी भूमिका निभा रही है। साहित्य जगत के मसीहा बाबू बाल मुकुंद गुप्त की स्मृति में भी कार्य किया है। स्वरूप रानी को अनेक सामाजिक संगठनों ने, जिला उपायुक्त रेवाड़ी ने भी सम्मानित किया है। सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रपति भवन में विद्यार्थियों को सम्मानित करवाने की भूमिका रही है। स्वरूप रानी महिलाओं के लिए उदाहरण है।

