
शादी समारोह में गोलियों की गूंज: बाइक सवार हमलावरों ने सरपंच की हत्या की, सुरक्षा चूक पर पुलिस अधिकारी निलंबित — पंजाब
पंजाब के तरनतारन जिले में एक शादी समारोह उस समय दहशत में बदल गया, जब दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने एक सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात इतनी तेज और योजनाबद्ध थी कि कुछ ही मिनटों में हमलावर घटना को अंजाम देकर फरार हो गए, जबकि मौके पर मौजूद लोग सदमे और डर में डूब गए।

घटना तरनतारन के गांव शेरो में स्थित एक फार्म हाउस में हुई, जहां विवाह समारोह चल रहा था। समारोह में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे। आनंद कारज की रस्म पूरी होने के बाद दूल्हा-दुल्हन मंच पर पहुंच रहे थे और लोग उन्हें बधाई देने के लिए जमा हो रहे थे। उसी समय सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू अपने साथियों के साथ भोजन कर रहे थे।
इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक अचानक समारोह स्थल में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो हमलावर सीधे सरपंच की ओर बढ़े और पीछे से पिस्तौल निकालकर उन पर लगातार गोलियां चला दीं। सरपंच को कई गोलियां लगीं और वे वहीं गिर पड़े।
घटना से घबराकर लोग इधर-उधर भागने लगे। सरपंच के चचेरे भाई ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उस पर भी गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। इस दौरान तीसरा हमलावर अपने साथ लाई राइफल लहराता रहा और मेहमानों को दूर रहने की धमकी देता रहा। बताया जा रहा है कि उसके पास स्वचालित हथियार था, जिससे लोगों में और अधिक भय फैल गया।
करीब डेढ़ मिनट के भीतर हमलावरों ने पूरी घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज से पूरा समारोह स्थल दहशत में आ गया। कई लोग जमीन पर लेट गए तो कुछ बाहर भागे। शादी का माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
मृतक हरबरिंदर सिंह संधू स्थानीय स्तर पर सक्रिय जनप्रतिनिधि थे और राजनीतिक रूप से भी सक्रिय बताए जाते हैं। वह आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या से इलाके में तनाव और शोक का माहौल है।
इस घटना को लेकर राज्य सरकार ने भी गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच तेज गति से की जाए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
राज्य के पुलिस प्रमुख गौरव यादव ने भी घटना को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। जिम्मेदारी तय करते हुए दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में पंचायत प्रतिनिधियों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बन रहा है। वे मांग कर रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस अब समारोह स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी गई है। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती के रूप में देखी जा रही है। शादी जैसे पारिवारिक समारोह में खुलेआम गोलीबारी ने लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मृतक के परिजनों ने न्याय की मांग की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।


