
शक में अंधा हुआ पति, पत्नी पर बरपाया कहर
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पति-पत्नी के रिश्ते को भरोसे और सम्मान का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यहां एक पति ने अपनी पत्नी पर शक के चलते ऐसी क्रूरता दिखाई, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। महिला को न सिर्फ बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे अमानवीय यातनाएं देकर अधमरी हालत में सड़क किनारे फेंक दिया गया।

यह मामला फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के हतौली गांव का है। यहां रहने वाले योगेश की शादी करीब चार साल पहले एटा जिले के थाना रिजोर क्षेत्र के वैश्य खेरिया गांव की रहने वाली पूजा से हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे पति का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि योगेश अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और इसी वजह से अक्सर उसके साथ मारपीट करता था।
पीड़िता के भाई लवकुश के अनुसार, शादी के बाद से ही पूजा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। कई बार परिवार वालों ने समझाने की कोशिश भी की, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। समय के साथ पति का शक बढ़ता गया और वह हिंसक होता चला गया।
घटना की भयावहता 15 मार्च की रात को सामने आई, जब योगेश ने अपनी पत्नी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि उसने पूजा के हाथ-पैर बांध दिए, ताकि वह खुद को बचा न सके। इसके बाद उसने उसकी आंखों में पेट्रोल डाल दिया, जिससे उसे असहनीय पीड़ा हुई। इतना ही नहीं, करीब चार घंटे तक उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। इस दौरान उसके बाल भी काट दिए गए, जो उसकी बेइज्जती और मानसिक उत्पीड़न का एक और रूप था।
बताया जा रहा है कि इस क्रूरता में पति के अलावा ससुराल पक्ष के अन्य लोग भी शामिल थे। उन्होंने भी महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि किस तरह एक महिला को उसके ही घर में असुरक्षित बना दिया गया।
जब आरोपी को लगा कि महिला अब पूरी तरह टूट चुकी है, तो अगले दिन यानी 16 मार्च की शाम को उसे बेहोशी की हालत में गांव से करीब एक किलोमीटर दूर गोपालपुर के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया। आरोपी मौके से फरार हो गया, मानो उसने कोई इंसान नहीं, बल्कि एक बेकार वस्तु को फेंका हो।
कुछ समय बाद स्थानीय लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी उस महिला पर पड़ी, जो बेहोशी की हालत में पड़ी थी। लोगों ने तुरंत मानवता दिखाते हुए उसके परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उसे घर लेकर आए। होश में आने के बाद पूजा ने जो कुछ बताया, उसे सुनकर सभी के होश उड़ गए।
इसके बाद परिवार वाले उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन अब वह खतरे से बाहर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पीड़िता के बयान और परिजनों की शिकायत के आधार पर पति योगेश समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
यह घटना न केवल एक महिला के साथ हुई क्रूरता की कहानी है, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। आखिर कब तक महिलाएं अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी? शक और अविश्वास की वजह से रिश्तों का इस तरह टूटना और हिंसा में बदल जाना बेहद चिंताजनक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त कानूनों के पालन की जरूरत है। साथ ही समाज को भी आगे आकर इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
फिलहाल, पीड़िता अपने जख्मों से उबरने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके साथ हुई यह अमानवीय घटना उसके जीवन पर गहरा असर छोड़ गई है। यह घटना एक कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि रिश्तों में भरोसा टूटने पर इंसान किस हद तक गिर सकता है।



