
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पुलिसकर्मियों से लाखों की ठगी
गुरुग्राम में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और होमगार्ड को ब्लैकमेल कर उनसे लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पहले एक होमगार्ड से पैसे वसूले और बाद में इसी तरीके से एक सिपाही को भी अपना शिकार बनाया। दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग थानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक होमगार्ड ने सेक्टर-40 थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में उसने बताया कि कुछ लोग उसके पास एक कथित वीडियो होने का दावा कर उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। आरोपियों का कहना था कि उनके पास ऐसा वीडियो है जिसमें वह पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है और यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।
पीड़ित होमगार्ड ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले का रहने वाला है और वर्तमान में गुरुग्राम में होमगार्ड के रूप में तैनात है। उसकी ड्यूटी सेक्टर-31 इलाके में ट्रैफिक पुलिस के साथ लगी हुई है। उसने बताया कि कुछ समय पहले दिल्ली निवासी दो व्यक्ति – मुकेश शर्मा और विजय – उससे संपर्क में आए और उसे धमकाने लगे। दोनों ने दावा किया कि उनके पास उसका एक ऐसा वीडियो है जो उसकी नौकरी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।
आरोपियों ने कहा कि यदि वह वीडियो सार्वजनिक हो गया तो उसे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी डर का फायदा उठाते हुए उन्होंने उससे पैसे की मांग शुरू कर दी। शुरू में पीड़ित ने उनकी बातों को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने बार-बार कॉल और संदेश भेजकर उसे डराना शुरू कर दिया। अंततः डर और बदनामी के भय के कारण उसने आरोपियों से बातचीत शुरू की।
होमगार्ड के अनुसार, आरोपियों ने उससे मोटी रकम की मांग की थी, लेकिन काफी मोलभाव के बाद रकम कम की गई। आखिरकार 8 फरवरी को उसने 15 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, ताकि वह इस परेशानी से छुटकारा पा सके। उसे उम्मीद थी कि पैसे मिलने के बाद आरोपी उसे परेशान करना बंद कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर से उसे फोन करना शुरू कर दिया और इस बार उन्होंने और पैसे की मांग की। लगातार मिल रही धमकियों और ब्लैकमेल से परेशान होकर होमगार्ड ने आखिरकार पुलिस की शरण लेने का फैसला किया। उसने पूरी घटना की जानकारी सेक्टर-40 थाना पुलिस को दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 61 के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की और उनके कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य सबूतों की पड़ताल की।
जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। पता चला कि इसी आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का एक और मामला दर्ज है। इस मामले में आरोपी ने एक सिपाही को भी ब्लैकमेल कर उससे बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की थी।
पुलिस के मुताबिक, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दर्ज केस में आरोपी मुकेश शर्मा ने एक सिपाही को भी वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। उसने सिपाही से तीन लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी ने दावा किया था कि उसके पास ऐसा वीडियो है जिसे वायरल करने पर सिपाही की नौकरी और प्रतिष्ठा दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।
सिपाही इस धमकी से काफी परेशान हो गया था। बदनामी और नौकरी जाने के डर से उसने आरोपियों को पैसे देने का फैसला किया। बताया गया कि उसने खुद को बचाने के लिए 1 लाख 10 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। लेकिन इसके बाद भी आरोपी नहीं रुके और उन्होंने उससे और पैसे की मांग शुरू कर दी।
लगातार बढ़ती मांग और धमकियों से तंग आकर सिपाही ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने 11 मार्च को सिविल लाइन थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वहां भी केस दर्ज कर लिया गया।
दोनों मामलों के सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि आरोपी इसी तरह कई और लोगों को भी अपना निशाना बना चुके हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने और किन-किन लोगों को ब्लैकमेल किया है और कितने लोगों से पैसे वसूले हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है और उनकी तलाश जारी है। मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर उनकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धमकी या ब्लैकमेल का शिकार होता है तो वह तुरंत पुलिस को सूचना दे। कई बार लोग बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिसका फायदा आरोपी उठाते हैं।
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ब्लैकमेलिंग के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर और सोशल मीडिया के दौर में ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी तरह की धमकी मिलने पर तुरंत कानून की मदद लें।

