
विदेश में सपनों की कीमत जान देकर चुकाई: सोनीपत के युवक को रूस में जबरन भेजा गया युद्ध में
हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव कुराड़ का एक परिवार आज गहरे सदमे में है। 26 वर्षीय अंकित, जो बेहतर भविष्य के सपनों के साथ रूस गया था, अब ताबूत में लौटकर आया है। उसकी मौत रूस-यूक्रेन युद्ध में हुई, जहां उसे कथित तौर पर जबरन सेना में भर्ती कर लड़ने के लिए भेज दिया गया था।

अंकित ने मार्च 2025 में रूस का रुख किया था। उसने करीब सात लाख रुपये खर्च कर रूसी भाषा सीखने का फैसला किया था। उसका सपना था कि वह विदेश में पढ़ाई पूरी कर अच्छा करियर बनाए और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सके। शुरुआती दिनों में उसने मास्को में पढ़ाई के साथ होटल में काम कर खुद को संभालने की कोशिश की।
परिजनों के अनुसार, कुछ समय बाद हालात ऐसे बने कि अंकित को मजबूरी में सेना में भर्ती होना पड़ा। उसे धमकी दी गई कि अगर वह भर्ती नहीं हुआ तो उसे जेल में डाल दिया जाएगा। इसके साथ ही उसे मोटी सैलरी का लालच भी दिया गया। मजबूरी में उसे अगस्त 2025 में सेना में शामिल होना पड़ा।
ट्रेनिंग के बाद उसे सीधे युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। परिवार को इसकी जानकारी बहुत देर से मिली। अंकित से आखिरी बार अक्टूबर 2025 में बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया।
कई महीनों तक परिवार अनिश्चितता में रहा। बाद में जब एक अन्य युवक की मौत की खबर आई, तब उन्होंने दूतावास से संपर्क किया और सच्चाई सामने आई। अंकित की मौत की पुष्टि होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जब शव गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी। मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोगों ने भी इस दुख में परिवार का साथ दिया और अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ उमड़ी।

अंकित अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसके पिता दिव्यांग हैं और घर की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से तोड़ दिया है।
परिजन अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों की जांच हो और विदेशों में फंसे भारतीय युवाओं को सुरक्षित वापस लाया जाए।

