
रोहतक हत्याकांड: बहू की हत्या के बाद परिवार के पुराने मामलों ने बढ़ाया रहस्य, एक ही घर में तीन महिलाओं की मौत से उठे सवाल
हरियाणा के रोहतक जिले के रिठाल फौगाट गांव में हुई एक महिला की हत्या ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि इस परिवार के बीते वर्षों के घटनाक्रम को भी फिर से चर्चा में ला दिया है। प्रवेश नाम की महिला की हत्या के मामले में सामने आए तथ्यों ने इस पूरे प्रकरण को और भी गंभीर और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि जिस घर में यह घटना हुई, वहां पहले भी दो महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है।

इस मामले में मुख्य आरोप प्रवेश के जेठ जसबीर पर है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह हत्या अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, जसबीर की पहली पत्नी की मौत वर्ष 2003 में हुई थी। उस समय लड़की पक्ष ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है। इस आरोप के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और परिवार के कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और सभी आरोपी अदालत से बरी हो गए। इस घटना के बाद जसबीर ने दोबारा विवाह नहीं किया।
दूसरी ओर, प्रवेश के पति सुखबीर की भी पहली पत्नी की मौत संदिग्ध हालात में हुई थी। बताया जाता है कि उसकी पहली पत्नी जलकर मर गई थी, जिसे लेकर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में भी परिवार को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः समझौते के चलते आरोपी बच निकले।
करीब 15 साल पहले सुखबीर ने दूसरी शादी प्रवेश से की थी। इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। प्रवेश के परिजनों का आरोप है कि जिस तरह पहले परिवार में महिलाओं की मौत हुई, उसी पैटर्न पर उनकी बेटी को भी रास्ते से हटाया गया है। उनका कहना है कि यह महज एक हत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटना 19 अप्रैल की रात की है। उस दिन प्रवेश अपने पड़ोस में आयोजित एक महिला संगीत कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। देर रात जब वह घर लौटी, तभी उस पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि जसबीर ने उस पर तेजधार हथियार से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
हमले के बाद घर और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। प्रवेश के भाई ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे, तो उनकी बहन खून से लथपथ पड़ी थी। उसके शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म थे—सिर, हाथ, छाती और अन्य अंगों पर बेरहमी से हमला किया गया था।
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, वह बेहद भयावह है। गांव में डर और आक्रोश का माहौल है और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की हैं, जो आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी और अन्य संदिग्धों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने मामलों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एक ही परिवार में बार-बार महिलाओं की मौत महज संयोग है, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। पहले दो मामलों में समझौता होने के कारण सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ सकी थी। अब तीसरी घटना के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।
प्रवेश के परिजन इस बार किसी भी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाकर ही दम लेंगे। उनका कहना है कि अगर इस बार भी आरोपी बच निकले, तो यह न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल होगा।
यह घटना समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है। यह दिखाती है कि अगर अपराधों को समय पर और सख्ती से नहीं रोका गया, तो वे बार-बार दोहराए जा सकते हैं। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई हो।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे असली वजह क्या थी। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने एक बार फिर समाज और प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

