
रोहतक में कैफे में आग और सिलिंडर ब्लास्ट से दहशत: बाल-बाल बचे लोग, बड़ा हादसा टला
हरियाणा के रोहतक शहर में मंगलवार को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने कुछ पलों के लिए पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। सोनीपत स्टैंड के पास स्थित एक पिज्जा-बर्गर कैफे में अचानक आग लग गई, जिसके बाद रसोई में रखा एलपीजी सिलिंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और अपने-अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी की जान नहीं गई।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। कैफे की ऊपरी मंजिल पर बने किचन में अचानक शॉर्ट-सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई। उस समय किचन में कोई मौजूद नहीं था, जबकि नीचे कैफे के केबिन में कुछ ग्राहक बैठे हुए थे। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि ऊपर क्या हो रहा है, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं उठने लगा और स्थिति गंभीर हो गई।
कैफे के एक कर्मचारी ने जब धुआं देखा, तो वह तुरंत ऊपर गया। वहां पहुंचकर उसने देखा कि आग तेजी से फैल चुकी है। उसने तुरंत कैफे मालिक और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड को कॉल किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायर ब्रिगेड को कई बार फोन करना पड़ा, तब जाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
थोड़ी ही देर में फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। दमकल कर्मी पूरी कोशिश कर रहे थे कि आग को काबू में कर लिया जाए, लेकिन तभी रसोई में रखा एक एलपीजी सिलिंडर अचानक फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में जोरदार कंपन महसूस हुआ।
इस विस्फोट से कैफे के पास स्थित दुकानों और एक मकान के शीशे टूट गए। इतना ही नहीं, सिलिंडर का एक हिस्सा करीब 50 मीटर दूर जाकर एक मकान की छत पर गिरा। यह दृश्य देखकर लोग भयभीत हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कैफे के पास एक निजी अस्पताल भी स्थित है। धमाके की आवाज सुनते ही अस्पताल के डॉक्टर, मरीज और मेडिकल स्टोर के संचालक तुरंत बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हर कोई इस अचानक हुए धमाके से सहम गया था।
इस बीच फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बाकी दो सिलिंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया। अगर ये सिलिंडर भी फट जाते, तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था और जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।
सिविल लाइन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
कैफे के मालिक जतिन ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही इस कैफे को शुरू किया था। इसके लिए उन्होंने चार लाख रुपये का निवेश किया था और हर महीने 23 हजार रुपये किराया तय हुआ था। अचानक हुए इस हादसे से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनका नया कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस घटना के बाद एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कैफे में व्यावसायिक उपयोग के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगहों पर इसी तरह घरेलू सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। आम लोगों को नियमों का पालन करने के लिए सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन ऐसे मामलों में लापरवाही बरती जा रही है।
यह घटना एक चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। एक छोटी सी गलती या लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता और सिलिंडरों को बाहर नहीं निकाला जाता, तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।
यह हादसा हमें यह सिखाता है कि सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

