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मौसम का बहुरंगी रूप: पहाड़ों पर बर्फ की चादर, मैदानों में चढ़ता पारा और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट

फरवरी का दूसरा सप्ताह देश के मौसम में दिलचस्प बदलाव लेकर आया है। एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम का मिजाज देखने को मिल रहा है। जहां पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की तैयारी है, वहीं मैदानी इलाकों में तापमान धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगा है। उधर तटीय क्षेत्रों में समुद्र के ऊपर तेज और झोंकेदार हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम के इन विविध रंगों ने लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ बदलते मौसम का आनंद लेने का भी अवसर दिया है।

सक्रिय मौसमी प्रणालियों से बदला परिदृश्य

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय देश के ऊपर कई मौसमी तंत्र सक्रिय हैं, जिनका संयुक्त प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम तेज गति से बह रही है। यह ऊपरी वायुमंडल में चलने वाली तेज हवाओं की धारा है, जो मौसम की दिशा और तीव्रता को प्रभावित करती है। इसकी गति लगभग 125 नॉट आंकी गई है और यह करीब 12 से 13 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इस कारण पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

पश्चिमी हिमालय में दो नए पश्चिमी विक्षोभ

पहले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन मौसम फिर से करवट लेने वाला है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो नए पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करने की तैयारी में हैं। पहला सिस्टम 13 फरवरी से सक्रिय होगा, जबकि दूसरा 16 फरवरी से प्रभाव दिखाएगा। इनके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 16 और 17 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश के साथ ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फ गिर सकती है।

बर्फबारी से जहां पर्यटक स्थलों की रौनक बढ़ सकती है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिसलन भरी सड़कों और खराब दृश्यता के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

पूर्वोत्तर में हल्की बारिश और कोहरे का असर

पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर असम के ऊपर बना चक्रवाती प्रभाव अब कमजोर हो गया है, जिससे वहां मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश में 13 और 14 फरवरी को हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मेघालय में सुबह के समय कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने की आशंका है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों से सुबह और देर रात यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में चढ़ता तापमान

उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में मौसम का रुख बदल रहा है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। दोपहर के समय हल्की गर्मी महसूस होने लगी है, जबकि सुबह और रात में अभी भी हल्की ठंड बनी हुई है। आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में अंतर और अधिक बढ़ सकता है।

मौसम साफ रहने से धूप तेज रहेगी, जिससे दोपहर में बाहर निकलने पर गर्मी का एहसास हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते तापमान के इस दौर में सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनना और दिन में हल्के कपड़ों का उपयोग करना बेहतर रहेगा।

दक्षिण भारत में शुष्क मौसम, तटीय इलाकों में अलर्ट

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र के ऊपर तेज और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। इसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान समुद्र में अनावश्यक रूप से न जाने की हिदायत दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी समुद्री गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

तेजी से बदल रहा फरवरी का मौसम

फरवरी आमतौर पर ठंड और गर्मी के बीच का संक्रमण काल होता है, लेकिन इस बार मौसम तेजी से रंग बदल रहा है। एक ओर पहाड़ बर्फ की सफेद चादर ओढ़ने को तैयार हैं, तो दूसरी ओर मैदानों में बसंत की आहट के साथ तापमान ऊपर जा रहा है। पूर्वोत्तर में कोहरा और हल्की बारिश का असर है, जबकि तटीय क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार बढ़ रही है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का ताजा मौसम अपडेट नियमित रूप से देखते रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह अवश्य लें। मैदानी इलाकों में बढ़ते तापमान के बीच पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। कोहरे वाले इलाकों में वाहन सावधानी से चलाएं।

कुल मिलाकर देश का मौसम इस समय विविध रंगों से भरा है। बदलते हालातों के बीच सतर्कता और तैयारी ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।

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