
मौत का तांडव! बेकाबू क्रेटा ने निगली तीन जिंदगियां, हाईवे पर 3 बार पलटी कार, ट्रक से टक्कर में उड़े परखच्चे, डॉक्टर समेत सभी की मौके पर मौत
बुलंदशहर–मेरठ हाईवे पर सोमवार की देर रात जो हुआ, उसने हर देखने-सुनने वाले को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार, एक पल की चूक और फिर ऐसा मंजर, जिसने खुशियों से भरे तीन परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। गुलावठी थाना क्षेत्र के चिड़ावक कट के पास हुंडई क्रेटा कार बेकाबू होकर मौत का गोला बन गई। सड़क पर तीन से चार बार पलटते हुए कार डिवाइडर लांघ गई और सामने से आ रहे ट्रक से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की क्रेटा कार बुलंदशहर की ओर से मेरठ की तरफ बेहद तेज रफ्तार में जा रही थी। जैसे ही कार चिड़ावक कट के पास पहुंची, अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। पलक झपकते ही कार सड़क पर सांप की तरह लहराने लगी। इसके बाद जो हुआ, वह किसी डरावने हादसे से कम नहीं था। कार पहले एक पलटी खाई, फिर दूसरी और तीसरी बार सड़क पर पलटती चली गई। तेज आवाजों के साथ चिंगारियां निकलीं और कार डिवाइडर को तोड़ते हुए गलत लेन में जा घुसी।
इसी दौरान सामने से आ रहा भारी भरकम ट्रक मौत बनकर सामने आ गया। जोरदार टक्कर के साथ ऐसा धमाका हुआ कि आसपास के गांवों तक आवाज सुनाई दी। ट्रक से भिड़ते ही कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। लोहे के पन्नों की तरह मुड़ी कार हाईवे पर बिखर गई और पल भर में वह कबाड़ के ढेर में तब्दील हो गई।
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। रात के सन्नाटे में चीख-पुकार गूंज उठी। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने कार में फंसे यात्रियों को निकालने की कोशिश की, लेकिन अंदर का मंजर इतना भयावह था कि हर कोई सिहर उठा। कार में सवार तीनों लोग बुरी तरह फंस चुके थे और उनकी सांसे थम चुकी थीं।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। गुलावठी पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची, इसके बाद सिकंदराबाद और देहात कोतवाली की पुलिस भी पहुंच गई। कुछ ही देर में एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी शंकर प्रसाद और सीओ सिकंदराबाद भास्कर मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त कार को काटकर शवों को बाहर निकाला।
मृतकों की पहचान होते ही माहौल और गमगीन हो गया। हादसे में जान गंवाने वालों में मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के गांव डालमपुर निवासी डॉ. आशुतोष पुनिया (35), अंकित (37) निवासी डालमपुर, सरधना और महेश कुमार (55) निवासी जसनावली खुर्द, कोतवाली देहात बुलंदशहर शामिल हैं। डॉक्टर की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहन फंसे रहे। पुलिस को कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार और ट्रक को हटवाना पड़ा, तब जाकर यातायात बहाल हो सका। पूरी रात हाईवे पर पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस दौड़ती रहीं।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन का अनियंत्रित होना सामने आ रहा है। शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर रफ्तार के खतरनाक सच को सामने लाता है। हाईवे पर कुछ सेकेंड की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे जाती है। सोमवार की रात बुलंदशहर–मेरठ हाईवे पर जो खून से सना मंजर दिखा, वह हर वाहन चालक के लिए सख्त चेतावनी है—क्योंकि जब रफ्तार काबू से बाहर होती है, तो फिर अंजाम सिर्फ और सिर्फ मौत ही होता है।



