
मोबाइल को लेकर हुआ विवाद बना मौत की वजह: गर्भवती महिला ने फंदे से लटककर दी जान, अजन्मे बच्चे की भी गई जिंदगी
आगरा के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की रामकृष्ण कॉलोनी से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुआ मामूली विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गया कि एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला ने आत्महत्या कर ली। महिला की मौत के साथ ही उसकी कोख में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी जिंदगी खत्म हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है।

मृतका की पहचान अंजलि के रूप में हुई है, जो मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के नगला रूद्र गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब एक साल पहले फतेहपुर सीकरी के रामकृष्ण कॉलोनी निवासी नरेश बंजारा से हुई थी। शादी के बाद अंजलि अपने ससुराल में रह रही थी और कुछ ही समय बाद उसके घर में नया मेहमान आने वाला था। परिवार इस खुशखबरी का इंतजार कर रहा था, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि एक छोटी सी बात इतनी बड़ी घटना का कारण बन जाएगी।
घर में केवल एक ही मोबाइल फोन
परिवार के लोगों के मुताबिक, पति-पत्नी के पास केवल एक ही मोबाइल फोन था। नरेश रोज काम पर जाते समय वही मोबाइल अपने साथ ले जाते थे, क्योंकि उन्हें काम के दौरान संपर्क बनाए रखने के लिए फोन की जरूरत होती थी। लेकिन अंजलि चाहती थी कि मोबाइल घर पर ही रहे ताकि वह भी जरूरत पड़ने पर अपने मायके या किसी अन्य व्यक्ति से बात कर सके।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। हालांकि हर बार मामला किसी तरह शांत हो जाता था, लेकिन गुरुवार की सुबह हुआ विवाद अंजलि की जिंदगी का आखिरी विवाद बन गया।
सुबह हुआ था पति-पत्नी के बीच विवाद
बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह नरेश काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। उसी समय अंजलि ने उनसे मोबाइल फोन घर पर छोड़ने की बात कही। नरेश का कहना था कि उन्हें काम के दौरान फोन की जरूरत पड़ेगी, इसलिए वह फोन साथ ले जाएंगे।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। धीरे-धीरे यह बहस बढ़ गई और दोनों के बीच तनाव का माहौल बन गया। गुस्से में आकर नरेश ने अपना बैग उठाया और काम पर जाने लगे। हालांकि इस बार वह मोबाइल फोन अंजलि के पास ही छोड़ गए थे।
परिवार के लोगों का कहना है कि उस समय किसी को भी अंदाजा नहीं था कि नरेश के घर से जाने के कुछ ही देर बाद इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।
घर में मौजूद थी केवल बुजुर्ग महिला
जब नरेश काम पर चले गए, उस समय घर में केवल एक बुजुर्ग महिला मौजूद थी। बाकी परिवार के सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे। कुछ देर बाद अंजलि अपने कमरे में चली गई।
घर में मौजूद महिला को शुरुआत में कुछ भी असामान्य नहीं लगा। लेकिन जब काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो लोगों को शक हुआ। जब कमरे में जाकर देखा गया तो अंजलि फंदे से लटकी हुई थी।
यह दृश्य देखकर घर में मौजूद लोगों के होश उड़ गए और तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया गया।
पुलिस पहुंचने से पहले नीचे उतारा गया शव
घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने अंजलि को फंदे से नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब तक पुलिस पहुंची, तब तक शव को फंदे से नीचे उतारा जा चुका था।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
मायके में मचा कोहराम
घटना की जानकारी मृतका के मायके वालों को भी दी गई। जैसे ही अंजलि के परिवार को यह खबर मिली, वहां मातम छा गया। परिजन तुरंत आगरा के लिए रवाना हो गए।
परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनकी बेटी इतनी जल्दी दुनिया छोड़ देगी।
देवर ने बताई पूरी घटना
मृतका के देवर अशोक ने बताया कि वह अपनी मां कमलेश के साथ शमसाबाद में एक शादी समारोह में शामिल होने गया हुआ था। उसी दौरान उन्हें फोन पर इस घटना की जानकारी मिली।
सूचना मिलते ही वह तुरंत घर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पूरे परिवार में शोक का माहौल है और लोग रो रहे हैं।
अशोक के अनुसार, उनके भाई नरेश और भाभी अंजलि के बीच मोबाइल फोन को लेकर पहले भी कई बार बहस हो चुकी थी। क्योंकि घर में केवल एक ही मोबाइल था और भाई काम पर जाते समय उसे अपने साथ ले जाते थे।
भाभी चाहती थीं कि फोन घर पर रहे ताकि वह जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकें। गुरुवार सुबह भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
भाई के जाने के बाद उठाया आत्मघाती कदम
अशोक ने बताया कि विवाद के बाद नरेश गुस्से में घर से निकल गए थे। हालांकि इस बार वह मोबाइल फोन अंजलि के पास ही छोड़ गए थे।
लेकिन भाई के जाने के कुछ देर बाद ही अंजलि ने कमरे में जाकर फंदा लगा लिया और अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
अजन्मे बच्चे की भी चली गई जान
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि अंजलि गर्भवती थी। उसकी कोख में पल रहा बच्चा भी इस घटना के साथ ही खत्म हो गया।
एक ही घटना में दो जिंदगियों के खत्म हो जाने से पूरे इलाके में गहरा शोक है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक छोटा सा विवाद इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन गया।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सके।
छोटी बातों से बचना जरूरी
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी छोटी-छोटी बातें भी रिश्तों में बड़ा तनाव पैदा कर सकती हैं। अगर समय रहते बात को समझदारी से सुलझा लिया जाए तो ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सकता है।
अंजलि की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि परिवार में संवाद और समझ कितनी जरूरी है। अगर उस दिन विवाद के बाद किसी ने अंजलि को समझाया होता, तो शायद आज वह और उसका बच्चा दोनों जिंदा होते।



