उत्तर प्रदेश

माघ पूर्णिमा और रविदास जयंती पर काशी में रिकॉर्ड भीड़, शहर में सख्त ट्रैफिक प्लान लागू

माघ पूर्णिमा स्नान, संत रविदास जयंती और माघ मेले के संयोग ने इस बार वाराणसी को पूरी तरह श्रद्धालुओं के सागर में बदल दिया है। प्रयागराज कुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं के पलट प्रवाह के कारण शनिवार शाम से ही काशी की सड़कों, गलियों और घाटों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी है। रविवार को हालात और चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं, क्योंकि प्रशासन के अनुमान के अनुसार करीब आठ लाख से अधिक श्रद्धालु शहर में मौजूद रहेंगे।

प्रशासन के मुताबिक संत रविदास जयंती के मुख्य आयोजन स्थल सीरगोवर्धन में लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जबकि माघ मेले और माघ पूर्णिमा स्नान के चलते लगभग पांच लाख लोग गंगा घाटों और काशी विश्वनाथ धाम की ओर रुख करेंगे। इतनी बड़ी संख्या को संभालने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन योजना लागू की है।

गंगा और काशी विश्वनाथ की ओर जाने वाले रास्ते सबसे संवेदनशील

इन दिनों सबसे ज्यादा दबाव गंगा घाटों और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर देखा जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैदागिन–गोदौलिया मार्ग पर वीवीआईपी और वीआईपी समेत सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में गोदौलिया की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे।

मैदागिन से लंका होते हुए सीरगोवर्धन तक निकलने वाले जुलूस और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

शनिवार से सोमवार तक काशी में रहेगा जनसैलाब

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शनिवार से लेकर सोमवार तक वाराणसी में भारी भीड़ बनी रहेगी। रविवार की शाम तक कुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रहने का अनुमान है। इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन, गंगा आरती और घाटों पर स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ेगी। इसके अलावा देश और विदेश से आए रैदासी अनुयायी भी संत रविदास जयंती में शामिल होने के लिए काशी पहुंचे हैं।

रविदास जयंती के मुख्य कार्यक्रम के समापन के बाद श्रद्धालुओं का रुख गंगा घाटों की ओर होगा, जिससे घाटों और आसपास के मार्गों पर दबाव और बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए काशी जोन पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने और यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बड़े इलाके में नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन

भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए मैदागिन से गोदौलिया, गोदौलिया–दशाश्वमेध मार्ग और गोदौलिया चौराहे की ओर जाने वाले सभी रास्तों के दो किलोमीटर के दायरे में नो व्हीकल और नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। सोनारपुरा से ही बैरिकेडिंग कर जंगमबाड़ी और गोदौलिया की तरफ आने वाले वाहनों को रोक दिया जाएगा।

अगर भीड़ का दबाव और बढ़ता है तो रेवड़ी तालाब से रामापुरा की ओर जाने वाले मार्ग को भी अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। इसी तरह गुरुबाग से लक्सा की ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। लहुराबीर चौराहे से मैदागिन और बेनिया की तरफ चार पहिया वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। शहर के बाहर से आने वाली बाहरी नंबर की गाड़ियों को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पास ही रोकने की व्यवस्था की गई है।

सीरगोवर्धन मेला क्षेत्र पूरी तरह वाहन मुक्त

संत रविदास जयंती के मद्देनजर सीरगोवर्धन मेला क्षेत्र को पूरी तरह नो व्हीकल जोन बनाया गया है। बीएचयू छित्तूपुर तिराहे से लेकर संत रविदास मंदिर और लौटूबीर मंदिर मार्ग पर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस के अनुसार 31 जनवरी की सुबह 8 बजे से एक फरवरी की रात 12 बजे तक मेला क्षेत्र में चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

भगवानपुर मोड़ से किसी भी वाहन को संत रविदास मंदिर की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। रमना चौकी तिराहे से संत रविदास मंदिर तिराहे तक वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। मारुति नगर तिराहे से भगवानपुर (संत सरवनदास यात्री निवास) की ओर भी वाहनों की आवाजाही नहीं होगी। लौटूबीर अंडरपास से केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को ही मंदिर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी।

सामनेघाट पुल पर भी लागू रहेगा डायवर्जन

लंका क्षेत्र में यातायात डायवर्जन के चलते रामनगर–सामनेघाट पुल पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए रामनगर चौराहे से शहर की ओर जाने वाले वाहनों को सामनेघाट पुल की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि उन्हें टेंगरा मोड़ की ओर डायवर्ट किया जाएगा। सामनेघाट पुल पश्चिमी से नगवा चौकी की ओर भी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा।

रविदास गेट से किसी भी प्रकार के वाहन को थाना लंका और नगवा चौकी की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। इन वाहनों को मालवीय गेट की ओर मोड़ दिया जाएगा ताकि लंका और सामनेघाट क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने।

गंगा में नाव संचालन पर सख्त नियम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा घाटों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. ने बताया कि नाविकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नावों में तय क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं। बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण के किसी भी नाव का संचालन नहीं किया जाएगा। छोटी नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

मोटरबोट संचालकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि चालक नशे की हालत में न हों और किसी भी नशे में धुत यात्री को नाव में सवार न किया जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बोट मालिक और चालक दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी

कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुबह से लेकर देर रात तक काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाटों, लंका से सीरगोवर्धन मार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। पूरे शहर की निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि पूरी तैयारी और सख्ती के साथ व्यवस्था संभाली जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन, स्नान और धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें।

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