
महिला अपराधों पर ब्रेक: हरियाणा में 2025 के आंकड़े बोले—दुष्कर्म, अपहरण और छेड़छाड़ के मामले घटे
हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस के दावों को ताजा आंकड़ों का समर्थन मिला है। राज्य पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों में बीते वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह कमी न केवल कुल मामलों में दिखी है, बल्कि दुष्कर्म, अपहरण और छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराधों में भी साफ नजर आई है।

हरियाणा पुलिस के अपराध आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2025 में महिला अपराधों में कुल मिलाकर 16 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरावट सघन गश्त, हॉटस्पॉट निगरानी और तकनीक आधारित पुलिसिंग का प्रत्यक्ष परिणाम है।
गंभीर मामलों में भी राहत
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, महिलाओं से जुड़े संवेदनशील अपराधों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
दुष्कर्म के मामलों में लगभग 25 प्रतिशत की कमी
दुष्कर्म के प्रयास के मामलों में एक तिहाई तक गिरावट
छेड़छाड़ के मामलों में करीब 16 प्रतिशत कमी
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में लगभग 10 प्रतिशत गिरावट
अपहरण और किडनैपिंग के मामलों में 17 प्रतिशत से ज्यादा कमी
दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों में भी दो अंकों में गिरावट दर्ज की गई
पुलिस का कहना है कि मामलों के निपटारे की गति भी तेज हुई है। वर्ष 2025 में महिला अपराधों से जुड़े मामलों की समाधान दर करीब 98 प्रतिशत रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की गई।
हॉटस्पॉट और सिविल ड्रेस पुलिसिंग
महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए प्रदेशभर में संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों, बस अड्डों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में तैनात किया गया। इस रणनीति से सार्वजनिक स्थलों पर छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी दर्ज की गई।
तकनीकी उपायों से बढ़ी निगरानी
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हरियाणा पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, आपात स्थिति में हरियाणा 112 के माध्यम से त्वरित सहायता सुनिश्चित की गई है।
पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए समाज की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की बदसलूकी या महिला अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि मौजूदा रणनीतियां इसी तरह लागू रहीं, तो आने वाले समय में हरियाणा को महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रगति संभव है।

