
ममता को मिला दर्द का इनाम: बेटे-बहू ने मां को पीटकर किया अधमरा, इंसाफ के लिए दर-दर भटकी बुजुर्ग
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज और सिस्टम दोनों की संवेदनहीनता उजागर कर दी है। बिठूर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग मां को उसी बेटे और बहू ने बेरहमी से पीटा, जिनके लिए उसने पूरी जिंदगी कुर्बान कर दी। इस हमले में बुजुर्ग महिला के चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं, जिससे उन्हें आईसीयू तक पहुंचना पड़ा।

67 वर्षीय मीरा त्रिवेदी का कहना है कि उनका बेटा नवनीत और बहू अक्सर उनके साथ मारपीट करते हैं और घर में रहने नहीं देते। हाल ही में हुए विवाद के दौरान दोनों ने मिलकर उन्हें इस कदर पीटा कि उनकी हालत गंभीर हो गई। हैलट अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद ही उनकी जान बच पाई।
पीड़िता ने बताया कि मारपीट के बाद उन्होंने कई बार बिठूर थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि पुलिस ने बेटे-बहू का पक्ष लेते हुए उनके कमरे पर ताला तक लगवा दिया। इस कार्रवाई के बाद बुजुर्ग दंपती के सामने रहने-खाने का संकट खड़ा हो गया।
मीरा त्रिवेदी के अनुसार, उनके पास न कपड़े बचे हैं, न बिस्तर और न ही सुरक्षित रहने की जगह। मजबूरी में उन्हें अपने पति के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहना पड़ रहा है। उम्र और बीमारी के कारण सीढ़ियां चढ़ना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है।
जब थाने से कोई मदद नहीं मिली तो पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और बिठूर पुलिस ने आरोपी बेटे और बहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इतना ही नहीं, पीड़िता ने वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण कानून के तहत अदालत का भी दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने बेटे को आदेश दिया है कि वह हर महीने तीन हजार रुपये मां के भरण-पोषण के लिए देगा।
यह घटना समाज के उस कड़वे सच को सामने लाती है, जहां बुजुर्ग माता-पिता अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं और इंसाफ पाने के लिए उन्हें सिस्टम से लड़ना पड़ता है।



