
भात की रस्म में चली गोली, 9 साल का मासूम जिंदगी से जूझ रहा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब भात की रस्म के दौरान हुई लापरवाही भरी फायरिंग में पड़ोस के एक 9 वर्षीय बच्चे के सिर में गोली जा लगी। घटना को कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन मासूम की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। वह 19 फरवरी से अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती है और 72 घंटे गुजर जाने के बाद भी उसे होश नहीं आया है। इस बीच पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अब तक न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किया जा सका है।

खुशियों के बीच मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, बुलंदशहर के एक मोहल्ले में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। घर में भात की रस्म की तैयारियां थीं और माहौल पूरी तरह जश्न भरा था। रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आवाजाही लगी हुई थी। इसी दौरान परिवार के एक सदस्य के पास मौजूद लाइसेंसी पिस्टल से अचानक फायरिंग हो गई। बताया जा रहा है कि पिस्टल पिता के नाम पर लाइसेंसी थी, लेकिन उससे गोली उसके बेटे ने चला दी।
गोली चलने की आवाज से मौके पर मौजूद लोग पहले तो इसे रस्म का हिस्सा समझे, लेकिन कुछ ही सेकंड में हकीकत सामने आ गई। पड़ोस में मौजूद 9 वर्षीय बच्चा अचानक जमीन पर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। यह देख समारोह में अफरातफरी मच गई। लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे और परिवार के लोग तुरंत बच्चे को उठाकर अस्पताल की ओर दौड़े।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
घायल बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। डॉक्टरों के अनुसार गोली सिर में गहराई तक लगी है, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। 19 फरवरी से भर्ती यह मासूम अब तक होश में नहीं आया है।
बच्चे के परिवार का कहना है कि वे हर पल उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। बच्चे के चाचा संस्कार वर्मा ने बताया कि पूरा परिवार सदमे में है। उनका कहना है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चे को होश नहीं आया, जिससे चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी है।
परिवार ने उठाए पुलिस पर सवाल
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि न तो आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और न ही पिस्टल बरामद की गई है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
परिवार के लोगों का कहना है कि शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग पर पहले से ही प्रतिबंध है, इसके बावजूद खुलेआम गोली चलाना बेहद लापरवाही और गैरजिम्मेदारी को दर्शाता है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी दांव पर लगा दी है।
पुलिस क्या कह रही है
मामले में अपर पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद का कहना है कि पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से पड़ताल की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। हालांकि अब तक न तो किसी की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही लाइसेंसी पिस्टल बरामद हो पाई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई की रफ्तार बहुत धीमी है।
इलाके में दहशत और नाराजगी
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-ब्याह में हर्ष फायरिंग की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बावजूद लोग इससे बाज नहीं आ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार होने का मतलब यह नहीं है कि उसका इस्तेमाल सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह किया जाए। उनकी मांग है कि ऐसे मामलों में उदाहरण पेश करने वाली कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की लापरवाही करने की हिम्मत न करे।
बढ़ती चिंता, दुआओं में परिवार
उधर अस्पताल में भर्ती मासूम की हालत को लेकर हर कोई चिंतित है। परिवार के सदस्य अस्पताल में ही डटे हुए हैं और बच्चे के होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक स्थिति नाजुक बनी हुई है।
यह घटना एक बार फिर शादी समारोहों में होने वाली हर्ष फायरिंग के खतरों को उजागर करती है। एक पल की लापरवाही कैसे किसी मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है, बुलंदशहर की यह घटना उसका ताजा उदाहरण बन गई है। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई और बच्चे की सेहत पर टिकी हुई है।



