
बैसाखी महोत्सव 2026 की रंगारंग शुरुआत आज, सीएम नायब सिंह सैनी पतंग उड़ाकर करेंगे उद्घाटन, संस्कृति और परंपरा का दिखेगा भव्य संगम
हरियाणा में आज बैसाखी महोत्सव 2026 का भव्य आगाज़ होने जा रहा है, जिसमें पारंपरिक रंगों, सांस्कृतिक झलकियों और आधुनिक आकर्षणों का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और छह फीट लंबी रंग-बिरंगी पतंग उड़ाकर महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह अनोखी शुरुआत न केवल उत्सव के उल्लास को दर्शाएगी, बल्कि हरियाणा और पंजाब की साझा सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी।

केडीबी मेला ग्राउंड में आयोजित हो रहे इस महोत्सव के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और सुरक्षा, स्वच्छता तथा यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सैनी महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन करेंगे, जहां हरियाणा और पंजाब की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। विशेष रूप से एक प्रदर्शनी में लोगों को गेहूं की कटाई से लेकर अनाज निकालने की पूरी प्रक्रिया दिखाई जाएगी। कृषि विशेषज्ञ इस दौरान खेती-किसानी की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे, जिससे नई पीढ़ी को ग्रामीण जीवन और कृषि परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा।
बैसाखी महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। इस आयोजन में सिख संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी, जिसमें धार्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे लोगों को विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानने और उन्हें करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव में पारंपरिक खेलों और प्रतियोगिताओं की भी खास व्यवस्था की गई है। हरियाणा कुश्ती दंगल, सर्कल कबड्डी और गतका जैसे खेल आयोजन लोगों को रोमांचित करेंगे। इसके अलावा हरियाणवी पगड़ी बांधने और दस्तारबंदी जैसी प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिनमें प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ये प्रतियोगिताएं न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का भी एक प्रयास हैं।
इस बार के महोत्सव में पतंगबाजी प्रतियोगिता भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगी। मुख्यमंत्री स्वयं पतंग उड़ाकर इसकी शुरुआत करेंगे, जिससे लोगों में उत्साह और भी बढ़ेगा। इसके अलावा ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो रात के समय आकाश में रंग-बिरंगी रोशनी के साथ एक शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगा। यह आधुनिक तकनीक और पारंपरिक उत्सव का बेहतरीन संगम होगा।
खान-पान के शौकीनों के लिए भी इस महोत्सव में खास इंतजाम किए गए हैं। लस्सी बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागी अलग-अलग तरीकों से लस्सी तैयार करेंगे। इस प्रतियोगिता में शुद्ध और पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा और इसके मूल्यांकन के लिए एक विशेष समिति नियुक्त की गई है। इसके अलावा, कई अन्य पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां लोग हरियाणवी और पंजाबी स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी भरपूर झलक देखने को मिलेगी। शाम के समय मुख्य मंच पर प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। पहले दिन शाम सात बजे मशहूर गायक लखविंद्र वडाली अपनी मधुर आवाज से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसके बाद 14 अप्रैल को प्रसिद्ध पंजाबी गायक कुलविंद्र बिल्ला अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो जाएगा।
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह हरियाणा और पंजाब की सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है। एक ही मंच पर दोनों राज्यों की परंपराएं, कला और रीति-रिवाज प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे लोगों को विविधता में एकता का संदेश मिलेगा। यह महोत्सव न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
समापन समारोह के अवसर पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
कुल मिलाकर, बैसाखी महोत्सव 2026 एक भव्य और बहुआयामी आयोजन है, जो परंपरा, संस्कृति, मनोरंजन और तकनीक का शानदार संगम प्रस्तुत करता है। यह महोत्सव लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें एक यादगार अनुभव भी प्रदान करेगा।
आज से शुरू हो रहा यह उत्सव आने वाले दिनों में हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा और हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा पतंग उड़ाकर की जाने वाली इसकी शुरुआत निश्चित रूप से इस महोत्सव को और भी खास और यादगार बना देगी।

