
बिजनौर में रिश्तों के भरोसे पर वार: घर जमाई ने रची करोड़ों की चोरी की साजिश, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक भरोसे, लालच और अपराध की खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया। यहां एक घर जमाई ने अपने ही ससुराल में करोड़ों की चोरी की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस मामले में आरोपी समेत उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है और भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी बरामद की है।

यह घटना केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि रिश्तों के विश्वास के टूटने की कहानी भी है। जानकारी के अनुसार नहटौर क्षेत्र के सराफा व्यापारी संतोष कुमार वर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर और दुकान से भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी चोरी हो गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में चोरी गए माल की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन बरामदगी के बाद इसकी कीमत चार करोड़ रुपये के करीब आंकी जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि व्यापारी की इकलौती मूक-बधिर बेटी का विवाह वर्ष 2024 में आर्य समाज की रीति से हुआ था। विवाह के बाद दामाद को परिवार ने अपने पास ही रख लिया और वह घर जमाई बनकर रहने लगा। परिवार ने उस पर पूरा भरोसा किया और उसे कारोबार से जुड़े काम भी सौंप दिए।
धीरे-धीरे आरोपी ने घर और दुकान की गतिविधियों को समझ लिया। बताया जाता है कि वह ग्राहकों से उधार की रकम वसूलकर पूरी जानकारी अपने पास रखता था। पहले भी इस तरह के विवाद सामने आए थे, जिनके बाद उस पर मामला दर्ज हुआ, लेकिन परिवार ने रिश्ते बचाने की कोशिश में उसे माफ कर दिया और दोबारा घर में जगह दे दी।
यही भरोसा आगे चलकर परिवार के लिए भारी साबित हुआ।
पुलिस के अनुसार घटना वाली रात आरोपी ने भोजन में नशीला पदार्थ मिला दिया। भोजन करने के बाद पूरा परिवार बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों की मदद से घर और दुकान में रखे कीमती जेवरात और नकदी समेट ली। चोरी में करीब 900 ग्राम से अधिक सोना, 40 किलो चांदी और नकदी गायब मिली।
सुबह जब परिवार को होश आया तो घर की अलमारियां और दुकान अस्त-व्यस्त मिलीं। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्य, मुखबिरों की सूचना और स्थानीय जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी घर जमाई, उसके भाई, एक दोस्त और चोरी का माल खरीदने वाले सराफ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
मुख्य आरोपी ने पुलिस को बताया कि शादी के समय उसे ससुराल की संपत्ति मिलने का भरोसा दिया गया था। लेकिन बाद में उसे लगा कि संपत्ति उसके नाम नहीं होने वाली। इसी लालच और आशंका ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया। उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
चोरी के बाद आरोपियों ने जल्दबाजी में चांदी के आभूषण एक स्थानीय सराफ को बेच दिए। हैरानी की बात यह रही कि करोड़ों की कीमत वाली चांदी को बेहद कम दामों में बेच दिया गया। पुलिस ने खरीददार सराफ को भी गिरफ्तार कर लिया है।
बरामदगी में पुलिस को करीब दो किलो से अधिक सोना, 23 किलो से ज्यादा चांदी, नकदी, सोने का बिस्कुट, सिक्का और घटना में इस्तेमाल बाइक मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी माल की तलाश जारी है और आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रिश्तों का भरोसा अब इतना कमजोर हो गया है कि लालच उसके आगे जीत जाए? परिवार जिसने दामाद को बेटा मानकर घर में रखा, उसी ने उन्हें बेहोश कर करोड़ों की चोरी कर ली।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है, चाहे सामने अपना ही क्यों न हो। कारोबार और संपत्ति से जुड़े मामलों में लिखित व्यवस्था, पारदर्शिता और सीमित अधिकार देना जरूरी होता है।
पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि घर या दुकान में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और रिकॉर्ड रखने की आदत कई बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।
फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं और पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला बिजनौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को रिश्तों के साथ सतर्कता बरतने का संदेश दे रहा है।



