
फरीदाबाद में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश: क्रेडिट कार्ड पॉइंट रिडीम ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद में क्रेडिट कार्ड पॉइंट रिडीम करने के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने दिल्ली के निलोठी इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो किराए के फ्लैट में बैठकर लोगों को कॉल कर ठगी कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के तिलकनगर निवासी तुषार बत्रा, डीडीए कॉलोनी के रेहान और रघुबीर नगर जेजे कॉलोनी के राजू विनोद सांखला शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, रेहान बिहार के मुजफ्फरनगर और राजू विनोद सांखला गुजरात के अहमदाबाद के मूल निवासी हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निलोठी इलाके में एक फ्लैट किराए पर लिया था और वहीं से फर्जी कॉल सेंटर चलाया। कॉल के दौरान वे खुद को बैंक का कर्मचारी या अधिकारी बताकर ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देते थे। फिर एक लिंक भेजकर ग्राहक की क्रेडिट कार्ड जानकारी हासिल की जाती थी और ऑनलाइन ठगी की जाती थी।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर लेकर साइबर क्राइम टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कई और ठगी के मामलों के सुराग मिलने की संभावना है।
यह मामला 18 नवंबर 2025 की घटना से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता, जो फरीदाबाद के सेंट्रल थाना क्षेत्र का निवासी है, ने पुलिस को बताया कि उस दिन उसे कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताया और वेलकम रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देकर एक लिंक भेजा। लिंक खोलने पर शिकायतकर्ता ने अपनी क्रेडिट कार्ड जानकारी दी, जिसके बाद दो ट्रांजेक्शन में 1,02,799 रुपये की ठगी कर ली गई।
एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच शुरू करने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों का पता लगाया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगने की योजना बनाई थी।
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से चेतावनी दी है कि किसी भी कॉलर द्वारा क्रेडिट कार्ड या बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी मांगी जाए तो सावधान रहें। केवल आधिकारिक बैंक या प्लेटफॉर्म से ही जानकारी साझा करें और किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक न करें।
इस कार्रवाई से फरीदाबाद और दिल्ली एनसीआर में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर लगाम लगाने की कोशिश को मजबूती मिली है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी कई ठगी के मामले उजागर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ-साथ इस तरह की ठगी के मामलों में तेजी देखी जा रही है। साइबर क्राइम थाने ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों को पकड़कर आगे की घटनाओं को रोका जा सके।

