
प्रेम के नाम पर छल, धर्म परिवर्तन के बाद टूटी उम्मीदें: प्रताड़ना से तंग महिला ने ज़हर खाकर तोड़ी चुप्पी
हरियाणा में सामने आया यह मामला प्रेम, भरोसे और पहचान के साथ किए गए धोखे की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर पेश करता है। जिस रिश्ते की शुरुआत प्यार और सहारे के वादों से हुई, वही रिश्ता एक महिला के लिए मानसिक यातना और जानलेवा कदम की वजह बन गया। आरोप है कि पहले से शादीशुदा युवक ने अपनी सच्चाई छिपाकर एक तलाकशुदा महिला को प्रेमजाल में फंसाया, उसका धर्म परिवर्तन कराया, निकाह किया और बाद में उसे लगातार प्रताड़ित किया। आखिरकार टूट चुकी महिला ने ज़हर खाकर आत्महत्या की कोशिश कर ली।

तीर्थ नगर निवासी 30 वर्षीय रेखा की जिंदगी तलाक के बाद पहले ही संघर्षों से भरी हुई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात गांव अराइयांवाला निवासी फुरकान से हुई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए उससे नजदीकियां बढ़ाईं और भावनात्मक सहारा देने का भरोसा दिलाया। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
महिला के अनुसार, करीब दो साल पहले आरोपी उसे उत्तर प्रदेश ले गया, जहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका नाम बदलकर रूबीना रखा गया और उससे निकाह कर लिया गया। इस दौरान उसके पहचान से जुड़े दस्तावेजों में भी नाम परिवर्तन करवाया गया। महिला को विश्वास दिलाया गया कि अब यही उसकी नई जिंदगी है और उसे सम्मान मिलेगा।
लेकिन निकाह के बाद हालात तेजी से बदलने लगे। आरोपी उसे अपने पैतृक गांव ले जाने के बजाय शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में किराए के मकान में रखने लगा। जब महिला ने परिवार के साथ रहने की बात की, तो उसे टाल दिया गया। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। यह सच्चाई सामने आते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी का व्यवहार क्रूर होता चला गया। वह न सिर्फ मारपीट करने लगा, बल्कि धर्म को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करता और मानसिक दबाव बनाता था। महिला ने बताया कि एक समय आरोपी अचानक गायब हो गया था, जिसके बाद उसके परिजनों ने उस पर युवक को गायब कराने के आरोप लगाए। जब आरोपी वापस लौटा तो प्रताड़ना और भी बढ़ गई।
लगातार अपमान, हिंसा और अकेलेपन से जूझ रही महिला पूरी तरह टूट चुकी थी। 22 जनवरी को उसने घर में रखे थर्मामीटर को तोड़कर उसमें मौजूद जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। थोड़ी ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई और खून की उल्टियां शुरू हो गईं। परिजनों ने उसे आनन-फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला के बयान दर्ज कराए। प्राथमिक जांच के बाद आरोपी युवक और उसके भाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 196(1), 351(2) और 85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है—क्या प्रेम और भरोसे के नाम पर किसी की पहचान, आस्था और जिंदगी से इस तरह खेला जा सकता है? फिलहाल, पीड़िता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है और पुलिस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

