
प्यार, लालच और धोखे का अंत: प्रेमी ने की प्रेमिका की बेरहमी से हत्या
घुंघरावली-फरीदाबांगर के जंगलों में 15 मार्च को मिला सिर कटा महिला का शव अब एक खौफनाक प्रेम कहानी की सच्चाई बयां कर रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि प्यार, धोखे और लालच का ऐसा संगम था, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। इस मामले में मुख्य आरोपी विकास ने अपने भाई और एक दोस्त के साथ मिलकर अपनी प्रेमिका बबली की निर्मम हत्या कर दी।

इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। जब 15 मार्च को पुलिस को घुंघरावली रजवाहे के पास एक महिला का सिर कटा शव मिला, तो हर कोई सन्न रह गया। हालात इतने भयावह थे कि शव से सिर अलग था और दोनों अलग-अलग जगहों पर पड़े मिले। शुरुआत में मृतका की पहचान नहीं हो पाई, जिससे मामला और भी उलझ गया।
पुलिस ने शव की पहचान के लिए हर संभव प्रयास किए। मृतका के हाथ पर गुदे हुए “बबली” और “जॉनी सिंह” नाम के टैटू को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। आसपास के इलाकों में पोस्टर भी लगाए गए, लेकिन तीन दिन तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। आखिरकार, सामाजिक संस्था की मदद से शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को देखकर दिल्ली की एक महिला और उनका बेटा नरसेना थाने पहुंचे। उन्होंने कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर मृतका की पहचान 38 वर्षीय बबली, निवासी कल्याणपुरी, के रूप में की। इस पहचान के बाद पुलिस जांच ने तेजी पकड़ ली।
जांच में सामने आया कि बबली के पति जॉनी सिंह की करीब ढाई साल पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी थी। पति की मौत के बाद बबली ने जीवनयापन के लिए एक निजी अस्पताल में सफाई का काम शुरू किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात विकास नामक युवक से हुई, जो उसके पति का दोस्त था और उसी अस्पताल में काम करता था।
धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। बबली ने विकास पर आंख बंद कर भरोसा किया और अपनी कमाई तक उस पर खर्च करने लगी। यहां तक कि उसने अपने नाम पर लोन लेकर भी विकास की मदद की। दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे, लेकिन इस रिश्ते की नींव झूठ और स्वार्थ पर टिकी हुई थी।
कुछ समय बाद बबली को पता चला कि विकास दूसरी शादी करने जा रहा है। इस बात ने उसे अंदर से तोड़ दिया। उसने इस संबंध की शिकायत भी पुलिस में की, लेकिन विकास ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे भी साथ रखेगा। इस झूठे आश्वासन के बाद बबली शांत हो गई और विकास ने परिवार की मर्जी से दूसरी शादी कर ली।
शादी के बाद भी विकास ने बबली से रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं किया। वह उसे मुरादनगर में एक किराए के कमरे में रखता था, लेकिन अब उसका व्यवहार बदल चुका था। वह बबली को समय नहीं देता था और उससे दूरी बनाने लगा था। यह बात बबली को खटकने लगी और दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे।
इसी दौरान बबली ने विकास से अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। साथ ही उसने यह भी धमकी दी कि अगर विकास ने उसे अपनाया नहीं, तो वह उसके परिवार को उनके रिश्ते की सच्चाई बता देगी। यह बात विकास के लिए परेशानी का कारण बन गई, क्योंकि उसकी नई शादीशुदा जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी।
अपनी नई जिंदगी बचाने और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए विकास ने एक खौफनाक साजिश रची। उसने अपने भाई सचिन और दोस्त अमन को इस योजना में शामिल किया। 14 मार्च की शाम उसने बबली को बहाने से अपने गांव ले जाने की योजना बनाई। उसने उसे एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने का झांसा दिया।
तीनों आरोपी पहले से ही योजना बनाकर तैयार थे। वे बस से ब्रजघाट पहुंचे, जहां सचिन और अमन बाइक लेकर इंतजार कर रहे थे। इसके बाद चारों एक ही बाइक पर बैठकर घुंघरावली के सुनसान जंगल में पहुंच गए।
जंगल में पहुंचकर तीनों आरोपियों ने शराब पी और फिर अपने इरादों को अंजाम देने की तैयारी की। जब बबली को कुछ अनहोनी का एहसास हुआ, तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मौत को सामने देख बबली ने अपनी जान की भीख मांगी। वह आरोपियों के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाती रही, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। तीनों ने मिलकर उसे काबू में कर लिया। विकास ने उसके पैर पकड़े, अमन ने उसे कसकर जकड़ लिया और तभी सचिन ने एक भारी धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
हत्या के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं भरा। उन्होंने साक्ष्य मिटाने के लिए सिर को बाइक पर रखा और करीब 700 मीटर दूर ले जाकर जंगल में फेंक दिया। इस तरह उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आखिरकार आरोपी विकास और अमन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जबकि विकास का भाई सचिन अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। साथ ही उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस भी मिले हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पूरी टीम को सराहते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जब रिश्तों में लालच और स्वार्थ हावी हो जाते हैं, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है। प्यार के नाम पर शुरू हुआ यह रिश्ता आखिरकार एक निर्दोष महिला की दर्दनाक मौत पर खत्म हुआ।
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, समाज के लिए यह घटना एक कड़वा सबक है कि भरोसा और प्यार जब गलत इंसान पर किया जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।



