
प्यार, दिखावा और सोशल मीडिया का दबाव: जब युवा अपराध की ओर बढ़ जाते हैं
आगरा।
आज के दौर में प्यार सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ जुड़ गए हैं महंगे शौक, सोशल मीडिया पर दिखावा और हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का दबाव। इसी दबाव में आकर कई युवा अपने भविष्य से समझौता कर रहे हैं और अपराध की राह पकड़ रहे हैं। आगरा में सामने आया ताजा मामला इसी सच्चाई को उजागर करता है, जहां प्रेमिका को खुश रखने और उसके रहन-सहन के स्तर तक पहुंचने की चाह ने एक युवक को चोरी जैसे अपराध में धकेल दिया।

रोजर फैक्टरी में चोरी की साजिश रचने वाला अनुपम भी इसी मानसिक उलझन का शिकार था। उसकी प्रेमिका पढ़ी-लिखी थी, अच्छे कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रही थी और सोशल मीडिया पर खुद को इंफ्लुएंसर के रूप में स्थापित करने में लगी थी। यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उसकी मौजूदगी मजबूत थी। उसका पहनावा, खान-पान और घूमने-फिरने का तरीका एक हाईप्रोफाइल जिंदगी को दर्शाता था।
वहीं अनुपम एक सामान्य नौकरी करता था। उसकी आमदनी सीमित थी और वह खुद को प्रेमिका की जीवनशैली के अनुरूप ढाल पाने में असमर्थ महसूस करने लगा। धीरे-धीरे यह एहसास उसके भीतर हीन भावना और तनाव में बदल गया। प्रेमिका के साथ जीवन बिताने, शादी करने और एक “सेटल” जिंदगी का सपना पूरा करने के लिए उसने गलत रास्ता चुन लिया।
जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तो सख्त चेहरा नहीं बल्कि पछतावे से भरी आंखें सामने थीं। जेल जाते वक्त उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे और वह बार-बार माफी की गुहार लगा रहा था। शायद तब उसे समझ आया कि जिस प्यार के नाम पर उसने अपराध किया, वही उसकी बर्बादी की वजह बन गया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
आगरा में प्रेम संबंधों के चलते अपराध की घटनाएं कोई नई नहीं हैं। बीते कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें युवाओं ने अपनी गर्लफ्रेंड की इच्छाएं पूरी करने या उसे प्रभावित करने के लिए कानून को हाथ में लिया।
जनवरी 2020 में हरीपर्वत थाना पुलिस ने स्नातक द्वितीय वर्ष के एक छात्र को पर्स लूटने के आरोप में पकड़ा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपनी चार गर्लफ्रेंड्स को महंगे गिफ्ट देने और उन पर पैसा खर्च करने के लिए लूटपाट करता था। पुलिस ने उसके पास से लूटे गए पर्स, चोरी की बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए थे।
फरवरी 2020 में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब आगरा पुलिस ने महिला की हत्या और लूट के आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने लूटे गए 2.46 लाख रुपये से अपनी गर्लफ्रेंड को नैनीताल घुमाया और उसकी पसंद की मोटरसाइकिल खरीदी थी। प्यार के नाम पर उसने ऐसा अपराध किया, जिसकी सजा उसे जिंदगी भर भुगतनी पड़ सकती है।
18 फरवरी 2021 की रात जगनेर रोड पर एक छात्र ने अपनी प्रेमिका की मांगें पूरी करने के लिए मोटर शोरूम का ताला तोड़ दिया। वहां से उसने 1.15 लाख रुपये नकद, लैपटॉप और मोबाइल फोन चोरी कर लिए। यह सब सिर्फ इसलिए, ताकि वह अपनी प्रेमिका के सामने खुद को सक्षम और अमीर साबित कर सके।
10 जून 2023 को शाहगंज के शिवाजीनगर इलाके में 70 लाख रुपये की चोरी का मामला भी इसी मानसिकता का नतीजा था। जूता कारोबारी की भतीजी ने अपने बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त के साथ मिलकर मौसी के घर से बड़ी चोरी की साजिश रची। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
सोशल मीडिया बना दबाव की वजह
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया इन घटनाओं में अहम भूमिका निभा रहा है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर दिखने वाली चमक-दमक भरी जिंदगी युवाओं के मन में गलत अपेक्षाएं पैदा कर रही है। महंगे कपड़े, लग्जरी ट्रिप, महंगे गिफ्ट—ये सब प्यार का पैमाना बनते जा रहे हैं।
जब रिश्तों में आर्थिक असमानता जुड़ जाती है, तो दबाव और बढ़ जाता है। कई युवा यह मान बैठते हैं कि अगर वे पैसा और सुविधाएं नहीं दे पाए, तो रिश्ता टूट जाएगा। इसी डर में वे अपराध जैसे गलत कदम उठा लेते हैं।
सीख और चेतावनी
ये घटनाएं सिर्फ अपराध की खबरें नहीं हैं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी हैं। प्यार और रिश्ते दिखावे से नहीं, समझ और भरोसे से चलते हैं। परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि युवाओं को यह समझाया जाए कि मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ना ही सही रास्ता है।
प्रेम के नाम पर अपराध करने वाले युवाओं को अंत में सिर्फ पछतावा ही मिलता है। जेल की सलाखों के पीछे बैठकर उन्हें यह एहसास होता है कि एक गलत फैसला उनकी पूरी जिंदगी बदल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते युवा सही और गलत के बीच फर्क समझें, ताकि प्यार उनकी ताकत बने, कमजोरी नहीं।



