
पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर तीन मौतें, ‘बाबा’ बने चौथे शख्स ने बढ़ाई साजिश की आशंका
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी एक कार से तीन शव मिलने की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। शुरुआत में इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में सामने आए नए तथ्यों ने कहानी की दिशा बदल दी है। सीसीटीवी फुटेज में कार में एक चौथे व्यक्ति की मौजूदगी सामने आई है, जो ‘बाबा’ के वेश में दिखाई दे रहा है। घटना के बाद से वह शख्स गायब है और पुलिस उसे इस केस की अहम कड़ी मानकर तलाश कर रही है।

रविवार को फ्लाईओवर पर खड़ी टाटा टिएगो कार में 76 वर्षीय रणधीर सिंह, 40 वर्षीय शिव नरेश और एक महिला का शव मिला था। कार अंदर से बंद थी और किसी तरह की लूटपाट या तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले थे। मोबाइल फोन, नकदी और महिला के गहने सुरक्षित पाए गए। इसी आधार पर शुरुआती अनुमान लगाया गया कि मामला आत्महत्या का हो सकता है।
लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तस्वीर बदलने लगी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि कार में चार लोग सवार थे। चालक की बगल वाली सीट पर एक व्यक्ति साधु या बाबा के वेश में बैठा दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, जब कार फ्लाईओवर पर पहुंची, तब चारों मौजूद थे, लेकिन शव मिलने के समय कार में केवल तीन लोग थे। चौथे व्यक्ति का कोई पता नहीं है।
बाहरी जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि कार बापरौला की ओर से आई थी। उस रूट के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चौथा व्यक्ति किस स्थान पर और किस समय कार से उतरा। एक अहम बात यह भी सामने आई है कि कार की लोकेशन और मोबाइल डेटा की जांच के दौरान एक व्यक्ति का डिजिटल रिकॉर्ड अचानक गायब हो जाता है। आशंका है कि इसी दौरान वह कार से उतरकर फरार हुआ होगा।
घटनास्थल से तीन गिलास और एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद हुई थी। इनमें से तीखी और संदिग्ध गंध आने की बात कही गई है। पुलिस ने इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनमें जहरीला पदार्थ मिलाया गया था और यदि हां, तो वह जहर किस प्रकार का था। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि उसे कहां से खरीदा गया।
मृत महिला की पहचान जहांगीरपुरी निवासी लक्ष्मी के रूप में हुई थी, लेकिन जांच में उसका दिया गया पता फर्जी निकला। यह तथ्य भी मामले को और संदिग्ध बना रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में महिला के निजी जीवन से जुड़ी जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। महिला के संपर्कों और उसके मोबाइल रिकॉर्ड की गहराई से जांच की जा रही है।
रणधीर सिंह के बारे में जानकारी मिली है कि वे ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। ऐसे में पुलिस आर्थिक लेन-देन और संभावित विवादों की भी पड़ताल कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि चौथा व्यक्ति किसी लेन-देन में बिचौलिया या संपर्क सूत्र हो सकता है। यदि ऐसा है, तो यह मामला सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर सकता है।
मृतक शिव नरेश के परिवार ने भी कई सवाल उठाए हैं। उनके भतीजे के अनुसार, रविवार सुबह शिव नरेश ने अपने बेटे से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे किसी काम से बाहर जा रहे हैं और उनके साथ तीन-चार लोग हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक वे खुद फोन न करें, तब तक कोई उन्हें कॉल न करे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और कुछ समय बाद उनके शव मिलने की सूचना आई।
परिवार का आरोप है कि चौथे व्यक्ति ने ही सभी को जहरीला पदार्थ पिलाया होगा। उनका कहना है कि यदि यह सामूहिक आत्महत्या होती, तो चौथा व्यक्ति कहां गया? यही सवाल अब पुलिस की जांच का केंद्र बन गया है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है—फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज को एक साथ मिलाकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। ‘बाबा’ के वेश में दिखे शख्स की पहचान और गिरफ्तारी इस केस की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।
पीरागढ़ी का यह मामला राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है। तीन मौतों के पीछे की असल वजह क्या थी—आत्महत्या या साजिश—इसका खुलासा अब जांच के अगले चरण पर निर्भर करेगा। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, यह रहस्य और गहराता जा रहा है।



