
न्यू उस्मानपुर में संदिग्ध हालात में महिला की मौत, मासूम बच्चा मां को सोता समझ पास खेलता रहा
पूर्वोत्तर दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 24 वर्षीय महिला इकरा का शव उनके घर के अंदर फर्श पर पड़ा मिला। सबसे मार्मिक दृश्य यह था कि उनका ढाई साल का मासूम बेटा अपनी मां को सोता हुआ समझकर उनके पास खेलता रहा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9 बजे न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस को एक महिला के आत्महत्या करने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गौतम विहार स्थित मकान पर पहुंची। वहां एक कमरे के अंदर महिला फर्श पर पड़ी मिलीं और उनके गले में चुन्नी बंधी हुई थी। उन्हें तुरंत जग प्रवेश चंद्र (जेपीसी) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब इकरा की ननद गुलजान ने सुबह उन्हें फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हुआ। अनहोनी की आशंका होने पर गुलजान ने अपने 10 वर्षीय बेटे को इकरा के घर भेजा। जब बच्चा वहां पहुंचा तो उसने देखा कि कमरे के दरवाजे की कुंडी बाहर से लगी हुई है। उसने यह बात अपनी मां को बताई। इसके बाद गुलजान खुद मौके पर पहुंचीं।
गुलजान ने दरवाजे की कुंडी खोली और अंदर जाकर जो दृश्य देखा, वह बेहद दर्दनाक था। कमरे के अंदर इकरा फर्श पर पड़ी थीं और उनका ढाई साल का बेटा उनके शरीर के पास खेल रहा था। मासूम को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। यह दृश्य देख गुलजान ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। गले में बंधी चुन्नी और कमरे की कुंडी बाहर से लगी होना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है।
नॉर्थ ईस्ट जिले के डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मामले में पारिवारिक पृष्ठभूमि भी जांच के केंद्र में है। पुलिस के अनुसार, इकरा का पति इवरान पिछले करीब एक साल से डासना जेल में बंद है। उसके खिलाफ गाजियाबाद के लोनी थाने में एक मामला दर्ज है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही इकरा अपने पति से मिलने डासना जेल गई थीं। मुलाकात के बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान दिखाई दे रही थीं। हालांकि उन्होंने अपनी परेशानी के बारे में परिवार के किसी सदस्य से खुलकर कुछ नहीं कहा था।
परिवार के लोगों का कहना है कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इकरा की यह दूसरी शादी थी। पारिवारिक विवाद और पति का जेल में होना उनके मानसिक तनाव का कारण हो सकता है। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
इकरा की दूसरी ननद शबनम ने बताया कि घर के कूड़े में शराब की दो खाली बोतलें और सिगरेट के अवशेष मिले हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर पर कई बाहरी लोगों का आना-जाना था। पुलिस इन दावों की भी पुष्टि कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले घर में कौन-कौन आया था।
कमरे की कुंडी बाहर से लगी होने की बात ने मामले को और जटिल बना दिया है। यदि महिला ने आत्महत्या की, तो दरवाजा बाहर से कैसे बंद हुआ? या फिर यह कोई और साजिश थी? पुलिस इस पहलू पर विशेष ध्यान दे रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा दुख और हैरानी है। पड़ोसियों का कहना है कि इकरा सामान्य तौर पर शांत स्वभाव की थीं और अपने बच्चे की देखभाल में व्यस्त रहती थीं। किसी ने भी इस तरह की घटना की आशंका नहीं जताई थी।
इस पूरी घटना का सबसे संवेदनशील पहलू वह मासूम बच्चा है, जो कई घंटों तक अपनी मां के निर्जीव शरीर के पास खेलता रहा। पुलिस और परिवार अब बच्चे की देखभाल को लेकर भी चिंतित हैं। परिजनों ने उसे अपने साथ रख लिया है।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या थी या किसी और प्रकार की आपराधिक घटना। तब तक यह मामला कई अनुत्तरित सवालों के साथ जांच के दायरे में बना हुआ है।



