
नीलगाय को बचाने में पलटी रोडवेज बस, 30 यात्री घायल
गोहाना क्षेत्र में वीरवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा उस समय हो गया, जब हरियाणा रोडवेज की एक बस अचानक सड़क पर आई नीलगाय को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 30 यात्री सवार थे। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। अधिकतर यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं और सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा गोहाना क्षेत्र के गांव बनवासा के पास हुआ। वीरवार दोपहर करीब ढाई बजे हरियाणा रोडवेज की बस गोहाना से जुलाना के लिए रवाना हुई थी। बस अपने निर्धारित मार्ग पर सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। जैसे ही बस गांव बनवासा से आगे छपरा मोड़ के पास पहुंची, तभी अचानक सड़क पर एक नीलगाय आ गई। बस चालक ने नीलगाय को बचाने के लिए तुरंत बस को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और बस सड़क किनारे जाकर पलट गई।
बस के पलटते ही उसमें बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्री सीटों से गिर गए, जबकि कुछ लोग बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। इस दौरान कुछ यात्रियों को हल्की चोटें भी लगीं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घायलों को तुरंत गोहाना के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं और सभी की हालत सामान्य है। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं लगी है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बस के चालक मदन और कंडक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वे रोज की तरह निर्धारित समय पर गोहाना से बस लेकर जुलाना की ओर जा रहे थे। रास्ते में ट्रैफिक सामान्य था और बस भी सामान्य गति से चल रही थी। लेकिन जैसे ही बस छपरा मोड़ के पास पहुंची, अचानक सड़क पर एक नीलगाय दौड़ती हुई सामने आ गई। चालक ने उसे बचाने के लिए तुरंत ब्रेक लगाए और बस को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन सड़क किनारे की मिट्टी ढीली होने के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया और बस पलट गई।
हादसे के बाद कुछ यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना कर दिया गया। वहीं जिन यात्रियों को चोटें आई थीं, उनका अस्पताल में इलाज किया गया। कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दे दी गई।
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके में अक्सर नीलगाय और अन्य जंगली जानवर सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार पहले भी यहां ऐसे हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बस चालक और यात्रियों से भी घटना के बारे में जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा अचानक सड़क पर आए जानवर को बचाने के प्रयास में हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों को भी विस्तार से देखा जा रहा है। फिलहाल बस को सड़क किनारे से हटाकर यातायात को सामान्य कर दिया गया है।
इस घटना के बाद यात्रियों में कुछ समय तक डर और घबराहट का माहौल बना रहा, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की तत्परता और समय पर पहुंची पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़कों पर अचानक आने वाले जंगली जानवर किस तरह दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में जहां जंगली जानवरों की आवाजाही अधिक होती है, वहां चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाने चाहिए और ड्राइवरों को भी सतर्कता के साथ वाहन चलाने की जरूरत होती है।
फिलहाल सभी घायल यात्रियों की हालत स्थिर बताई जा रही है और प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

