
नकोदर में पुलिस–बदमाश मुठभेड़, पांच करोड़ की रंगदारी और फायरिंग केस के दो आरोपी दबोचे गए
पंजाब के नकोदर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में बैठे गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने और फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश को नाकाम कर दिया। नाकाबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया, जिनके कब्जे से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय जबरन वसूली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस के अनुसार यह मामला बीबी स्कूल ऑफ आईलेट्स और बख्शी ट्रैवल कंपनी के मालिक मनीष बख्शी से जुड़ा है। 11 नवंबर को उन्हें विदेशों से कॉल आए थे, जिनमें कॉल करने वालों ने खुद को कुख्यात गोल्डी बराड़ और रोहित गोधरा गैंग से जुड़ा बताया और उनसे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। धमकियों के बाद पीड़ित ने थाना सिटी नकोदर में शिकायत दर्ज करवाई।
इसके बाद 16 और 17 जनवरी की रात को शिकायतकर्ता को फिर से धमकी भरे संदेश भेजे गए। आरोपियों ने दहशत फैलाने के इरादे से उनके कार्यालय के बाहर फायरिंग भी की। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
एसएसपी जालंधर ग्रामीण एस. हरविंदर सिंह विर्क के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। डीएसपी ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी इंदरजीत सिंह सैनी, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प बाली, थाना सिटी नकोदर के एसएचओ एसआई हरमिंदर सिंह और एसआई दिलबाग सिंह की टीमों ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया।
खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने नूरमहल रोड के पास बीर गांव फाटक से सरकापुर लिंक रोड पर नाकाबंदी की। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध वहां पहुंचे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान एक आरोपी अंकित कुमार को गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी हरिंदर गुप्ता के पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद दोनों को काबू कर लिया गया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से .30 बोर की एक पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पहले से दर्ज एफआईआर में नामजद थे और रंगदारी की रकम न मिलने पर शिकायतकर्ता पर दोबारा हमला करने की फिराक में थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी अंकित कुमार बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है और फिलहाल लुधियाना के बस्ती जोधेवाली इलाके में रह रहा था। वहीं दूसरा आरोपी हरिंदर गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है और वर्तमान में लुधियाना के जगत नगर क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के संबंध विदेश में बैठे गैंग से जुड़े लोगों से हैं, जो स्थानीय बदमाशों के जरिए रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गहन जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस ने साफ किया है कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। रंगदारी और फायरिंग जैसे मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रखा जा सके।


