
नकली थानेदार ने उड़ाए 13 लाख, CTU बस स्टैंड की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के सेक्टर-17 बस स्टैंड में हुई लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। एक शातिर अपराधी ने खुद को पुलिस थानेदार बताकर कैश ब्रांच से 13.13 लाख रुपये की नकदी उड़ा ली और किसी को भनक तक नहीं लगी।

आरोपी पूरी योजना के साथ देर रात करीब तीन बजे बस स्टैंड पहुंचा। उसने पुलिस की पूरी वर्दी पहन रखी थी और उसका हाव-भाव भी किसी असली पुलिस अधिकारी जैसा था। कैश ब्रांच पहुंचते ही उसने सुरक्षाकर्मी को बताया कि वह उच्च अधिकारियों के आदेश पर जांच करने आया है। भरोसा कायम करने के लिए उसने सीटीयू डायरेक्टर प्रद्युम्न सिंह समेत कई अधिकारियों के नाम लिए।
सुरक्षाकर्मी पूरी तरह झांसे में आ गया और बिना किसी पहचान या पुष्टि के गेट खोल दिया। अंदर पहुंचते ही आरोपी ने कैश ब्रांच का मुआयना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद उसने चालाकी से सुरक्षाकर्मी को दूसरे कमरे में भेजा और मौका पाते ही उसे वहीं बंद कर दिया।
सुरक्षाकर्मी का मोबाइल फोन बाहर रह गया, जिससे वह मदद के लिए किसी को कॉल भी नहीं कर सका। इसके बाद आरोपी ने पहले से मौजूद चाबी से खराब पड़े लॉकर को खोला और उसमें रखी 13.13 लाख रुपये की नकदी बैग में डाल ली।
वारदात के बाद आरोपी बेहद आराम से बस स्टैंड से निकल गया। सुबह जब महिला कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंची तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। सुरक्षाकर्मी कमरे में बंद मिला और कैश ब्रांच से पैसे गायब थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हालांकि कैश ब्रांच के बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ा। बाद में आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी नजर आया। फुटेज में वह ग्रे मंकी कैप, लाल जूते और हाथ में बैग लिए दिख रहा है।
पुलिस अब आरोपी की पहचान और भागने के रास्ते को ट्रेस करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को कैश ब्रांच की अंदरूनी जानकारी किसने दी। लॉकर का लंबे समय से खराब होना और चाबी का वहीं रखा होना संदेह को और गहरा कर रहा है।
इस घटना ने सीटीयू बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है और अंदरूनी मिलीभगत की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।


