दिल्ली

दिल्ली में गाड़ी चोर बेखौफ: हर दिन 96 वाहन चोरी, हर 15 मिनट में एक वारदात; दोपहिया वाहन सबसे आसान निशाना

देश की राजधानी दिल्ली में वाहन चोरी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ताजा पुलिस आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में रोजाना औसतन 96 वाहन चोरी हो रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि हर 15 मिनट में एक वाहन अपराधियों के हाथ लग जाता है। हालांकि बीते वर्षों की तुलना में मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन चोरी की कुल संख्या अब भी चिंता पैदा कर रही है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक वर्ष 2025 में कुल 35,014 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए। इनमें सबसे अधिक संख्या दोपहिया वाहनों की रही। आंकड़ों के अनुसार चोरी हुए कुल वाहनों में लगभग 81 प्रतिशत दोपहिया वाहन थे, जबकि करीब 13 प्रतिशत चारपहिया वाहन चोरी हुए। शेष मामलों में ट्रक और अन्य हल्के-भारी वाहन शामिल हैं।

विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 2025 में 28,326 दोपहिया और 4,511 चारपहिया वाहन चोरी हुए। इसके अलावा 2,177 अन्य श्रेणी के वाहन भी अपराधियों के निशाने पर रहे। अधिकारियों का कहना है कि खासतौर पर व्यावसायिक वाहनों और ट्रकों की चोरी में भी इजाफा देखा गया है।

अगर पिछले वर्षों से तुलना करें तो वाहन चोरी के मामलों में कमी जरूर आई है। वर्ष 2023 में 40,045 मामले सामने आए थे, जो 2024 में घटकर 39,976 रह गए। 2025 में यह संख्या और कम होकर 35,014 हो गई। बावजूद इसके, राजधानी में चोरी की गति अभी भी तेज बनी हुई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में होने वाले कुल अपराधों में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सिर्फ वाहन चोरी की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सख्त निगरानी और तकनीकी उपायों के चलते मामलों में कमी आई है, लेकिन यह अपराध अब भी अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों से कहीं ज्यादा है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि देशभर में दर्ज होने वाली वाहन चोरी की आधे से ज्यादा घटनाएं एनसीआर क्षेत्र से जुड़ी होती हैं।

वर्ष 2025 के अपराध आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में सेंधमारी के 6,617 मामले, घरों से चोरी के 16,246 मामले और वाहन चोरी के 35,014 मामले दर्ज किए गए। इससे साफ है कि वाहन चोरी राजधानी की कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

वाहन चोरी रोकने के लिए दिल्ली पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। ई-एफआईआर प्रणाली, एएनपीआर कैमरे और एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड की मदद से चोरी की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का दावा है कि इन कदमों से भविष्य में वाहन चोरी की घटनाओं में और कमी आएगी। हालांकि मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि राजधानी में वाहन मालिकों को अब भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वाहन चोरी की समस्या पूरी तरह काबू में नहीं आई है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button