दिल्ली: बहू के व्यवहार से परेशान 80 वर्षीय बुजुर्ग ने मेट्रो ट्रैक पर लगाई छलांग, अस्पताल में इलाज जारी
दिल्ली के उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को एक बुजुर्ग ने ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को हिला दिया। 80 वर्षीय जोगिंदर पाल ने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मेट्रो चालक की सतर्कता और इमरजेंसी ब्रेक के कारण बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होने से बच गए। उन्हें तुरंत दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बुजुर्ग का आरोप: बहू का बर्ताव था तनाव का कारण
पीड़ित बुजुर्ग ने पुलिस को बयान दिया कि वह अपनी बहू के बुरे बर्ताव और मानसिक दबाव से परेशान थे। उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की। जोगिंदर पाल के परिवार में बहू के साथ लंबे समय से चल रहे तनाव और झगड़े उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहे थे।
मौके पर मेट्रो और पुलिस की कार्रवाई
मेट्रो पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना जनकपुरी मेट्रो थाना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि बुजुर्ग ट्रैक और प्लेटफार्म के बीच खड़े थे। मेट्रो चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उन्हें ट्रेन की चपेट से बचाया।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने बुजुर्ग के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पारिवारिक तनाव से जुड़ा आत्महत्या का प्रयास प्रतीत होता है। जांच में परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि स्थिति के कारणों को पूरी तरह समझा जा सके।
जान बचाने में मेट्रो सुरक्षा का योगदान
मेट्रो चालक की तेज़ प्रतिक्रिया ने बुजुर्ग की जान बचाई। अधिकारियों ने कहा कि यदि चालक सतर्क नहीं होते, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। यह घटना मेट्रो सुरक्षा और इमरजेंसी प्रोटोकॉल की अहमियत को भी दर्शाती है।
मनोवैज्ञानिक सलाह और चेतावनी
विशेषज्ञ कहते हैं कि बुजुर्गों पर परिवारिक तनाव और मानसिक दबाव गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर मदद लेना बेहद जरूरी है। पुलिस और हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क कर मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
अस्पताल में हालत स्थिर
जोगिंदर पाल का इलाज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं, और उनका मानसिक स्वास्थ्य भी अब ध्यान में रखा जा रहा है।



