
दिल्ली की हवा फिर बिगड़ी, AQI 345 के पार; ‘बेहद खराब’ हालात से नहीं मिल रही राहत
देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। लगातार चौथे दिन दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शुक्रवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 345 रहा। इससे पहले गुरुवार को यह आंकड़ा 343 दर्ज किया गया था, जो यह दर्शाता है कि हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने भी आने वाले दिनों को लेकर सतर्क किया है। बोर्ड के मुताबिक, शनिवार तक हवा के बेहद खराब बने रहने की संभावना है, जबकि रविवार को प्रदूषण का स्तर और बढ़कर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकता है। ऐसे में दिल्लीवासियों को फिलहाल राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, अलीपुर में 331, आनंद विहार में 354, अशोक विहार में 367 और आया नगर में 305 AQI दर्ज किया गया। वहीं बवाना में 363, बुराड़ी में 325 और चांदनी चौक में 370 का स्तर रिकॉर्ड किया गया है।
इसके अलावा राजधानी के कई अन्य हिस्सों में भी हालात चिंताजनक हैं। डीटीयू क्षेत्र में AQI 332, द्वारका सेक्टर-8 में 369, आईटीओ में 362 और जहांगीरपुरी में 385 दर्ज किया गया। मुंडका में 383, पंजाबी बाग में 370, आरकेपुरम और रोहिणी में 374-374, सोनिया विहार में 368, विवेक विहार में 386 और वजीरपुर में 374 AQI रहा। हालांकि आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 पर 280 और नजफगढ़ में 289 AQI दर्ज किया गया, लेकिन यह स्तर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषित हवा के कारण खांसी, आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाएं। जब तक मौसम में बदलाव या ठोस कदमों से प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं होता, तब तक दिल्ली की फिजा लोगों की सेहत के लिए चुनौती बनी रहेगी।



