
तेज रफ्तार बनी काल: फगवाड़ा-लुधियाना हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में एलपीयू के तीन छात्रों की दर्दनाक मौत
फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा-लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को हुआ एक भयावह सड़क हादसा तीन परिवारों के लिए जिंदगीभर का घाव बन गया। गांव चाचोकी के समीप एक कार और टाटा 407 ट्रक के बीच आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में कार सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई और उसके पुर्जे सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए।

मृतकों की पहचान साहिल मोहम्मद (23) पुत्र कश्मीर मोहम्मद, दलजीत भट्टी (20) पुत्र अवतार चंद और अरमान मेहमी (17) पुत्र देस राज मेहमी, निवासी गांव मुठड्डा कलां, थाना फिल्लौर, जिला जालंधर के रूप में हुई है। तीनों युवक फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में अध्ययनरत थे। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों और विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची, माहौल शोक में डूब गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इटियोस कार (नंबर पीबी 10 डीएस 5210) फगवाड़ा से फिल्लौर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार कई बार पलटी खाती हुई हाईवे के दूसरी ओर पहुंच गई, जहां सामने से आ रहे टाटा 407 ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के आगे का हिस्सा पूरी तरह दब गया और उसमें बैठे युवकों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कार से बाहर निकाला। तीनों युवकों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल फगवाड़ा भेजा गया है।
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहन कई किलोमीटर तक फंसे रहे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की सहायता से हटाया और यातायात को बहाल किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैफिक सामान्य हो सका।
इस दुर्घटना में ट्रक चालक विजय कुमार पुत्र मीत राम निवासी लाडोवाल घायल हो गया। उसे तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सड़क सुरक्षा फोर्स के अधिकारी मक्खन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीडिंग हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। हाईवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
यह हादसा एक बार फिर युवाओं में बढ़ती तेज रफ्तार की प्रवृत्ति और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन और सतर्क ड्राइविंग बेहद आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर निगरानी बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि स्पीड कैमरे, नियमित गश्त और सख्त कार्रवाई से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। साथ ही युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने चाहिए।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के परिसर में भी शोक की लहर है। सहपाठियों और शिक्षकों ने तीनों छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि तीन सपनों के टूटने की कहानी है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए विश्वविद्यालय भेजा था, उन्हें अब असहनीय दुख का सामना करना पड़ रहा है। समाज के लिए यह एक चेतावनी है कि सड़क पर संयम और सावधानी ही जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
प्रशासन और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करें। तेज रफ्तार का रोमांच कुछ क्षणों का हो सकता है, लेकिन उसके परिणाम जीवनभर का दर्द दे जाते हैं।


