
ड्रम में पति का शव गलाने की साजिश—मुजफ्फरपुर हत्याकांड में प्रेमी को उम्रकैद
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले को चार साल पहले दहला देने वाले राकेश सहनी हत्याकांड में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-16 की अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी सुभाष कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस सनसनीखेज केस में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी पर मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप था। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है, जबकि फरार पत्नी की तलाश अब भी जारी है।

यह मामला मुजफ्फरपुर के बालूघाट मोहल्ले का है, जहां वर्ष 2021 में हुई इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि राकेश सहनी अपनी पत्नी राधा देवी के साथ किराए के कमरे में रहता था। इसी दौरान राधा देवी का स्थानीय युवक सुभाष कुमार से प्रेम संबंध हो गया। पति राकेश को जब इस रिश्ते की भनक लगी तो वह लगातार इसका विरोध करने लगा। यही विरोध धीरे-धीरे राधा और सुभाष के लिए परेशानी का कारण बन गया और दोनों ने मिलकर राकेश को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर 2021 को योजना के तहत राधा देवी ने राकेश को बहाने से दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया। राकेश जैसे ही किराए के कमरे में पहुंचा, उसी रात उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि इस वारदात में राधा और सुभाष के अलावा अन्य सहयोगियों ने भी साथ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए बेहद खौफनाक तरीका अपनाया।
जांच में खुलासा हुआ कि राकेश के शव को टुकड़ों में काट दिया गया। इसके बाद शरीर के हिस्सों को नीले रंग के एक बड़े प्लास्टिक ड्रम में भर दिया गया। शव को जल्दी गलाने और पहचान मिटाने के लिए ड्रम में ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और नमक डाला गया। इतना ही नहीं, कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया ताकि किसी को शक न हो और दुर्गंध भी बाहर न फैले।
हत्या के बाद कुछ दिनों तक राकेश के नहीं दिखने पर उसके भाई दिनेश सहनी के परिवार को शक होने लगा। जब दिनेश की पत्नी रिंकू देवी हालचाल लेने पहुंची तो राधा ने उसे टालते हुए कहा कि राकेश बाहर गया हुआ है। हालांकि सच्चाई ज्यादा दिन छिप नहीं सकी।
18 सितंबर 2021 की रात अचानक बंद कमरे से विस्फोट जैसी आवाज आई और वहां आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के दौरान स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों को कमरे से तेज दुर्गंध महसूस हुई, जिससे शक गहरा गया। अगले दिन यानी 19 सितंबर की सुबह पुलिस ने कमरे की तलाशी ली।
जब पुलिस ने कमरे में रखे प्लास्टिक ड्रम को खोला तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। ड्रम में राकेश सहनी के शरीर के टुकड़े बरामद हुए। यह खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
मृतक के भाई दिनेश सहनी ने 19 सितंबर 2021 को नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में उसने अपनी भाभी राधा देवी, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष कुमार को नामजद आरोपी बनाया। पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और 22 सितंबर 2021 को सुभाष कुमार को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय वह राधा देवी के साथ फरार होने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसने पुलिस के केस को मजबूत कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने अदालत के समक्ष मजबूत गवाह और पुख्ता सबूत पेश किए। अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि हत्या पूर्व नियोजित थी और शव को ठिकाने लगाने के लिए सुनियोजित तरीके से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई थी।
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद सुभाष कुमार को हत्या और साक्ष्य नष्ट करने दोनों आरोपों में दोषी करार दिया। कोर्ट ने हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना तथा सबूत मिटाने के अपराध में तीन साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
फैसले के बाद मृतक राकेश सहनी के परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है, हालांकि उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा है। खास बात यह है कि इस मामले की मुख्य आरोपी पत्नी राधा देवी अभी भी फरार बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। यह मामला न सिर्फ एक जघन्य हत्या का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह अवैध संबंधों और आपसी विवाद ने एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
मुजफ्फरपुर का यह ड्रम मर्डर केस आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। अब अदालत के फैसले के बाद भले ही एक आरोपी को सजा मिल गई हो, लेकिन पुलिस और पीड़ित परिवार की नजरें अब भी बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।
