
ड्यूटी पर जाने निकला सिक्योरिटी गार्ड मृत मिला: ट्रॉमा सेंटर के बाहर मिला शव, मौत की वजह रहस्य
शहर के ट्रॉमा सेंटर के बाहर सोमवार को एक व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सड़क किनारे एक व्यक्ति के पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, वहीं मृतक के परिवार में इस खबर से मातम छा गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को ट्रॉमा सेंटर के सामने सड़क किनारे एक व्यक्ति को उल्टे मुंह के बल पड़ा हुआ देखा गया। आसपास के लोगों ने जब उसे इस हालत में देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गोकल गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई।
जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार ने बताया कि जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची तो व्यक्ति सड़क किनारे पड़ा हुआ था और उसकी हालत गंभीर लग रही थी। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसे उठाकर तुरंत ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के पास पहुंचाया ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की और बताया कि व्यक्ति की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई।
बाद में पुलिस ने मृतक की पहचान 56 वर्षीय महेंद्र सिंह के रूप में की। महेंद्र सिंह राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मावंडा गांव के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक वह जयपुर में स्थित मारुति कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर काम करते थे और अपनी नौकरी के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहते थे।
पुलिस ने जब इस मामले की जानकारी उनके परिवार तक पहुंचाई तो परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि महेंद्र सिंह की शादी के बाद वह रेवाड़ी जिले के मायण गांव में अपने ससुराल में ही रहने लगे थे। वह ‘घर जवाई’ के रूप में वहीं रहते थे और वहीं से अपनी नौकरी के लिए आते-जाते थे।
परिवार के अनुसार महेंद्र सिंह चार बच्चों के पिता थे, जिनमें दो बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। परिवार का कहना है कि वह मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे और अपने परिवार की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे थे।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि महेंद्र सिंह एक दिन पहले सुबह अपने घर से जयपुर में ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे। वह हमेशा की तरह अपनी नौकरी के लिए रवाना हुए थे, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर आ जाएगी।
सोमवार 9 मार्च को जब ट्रॉमा सेंटर के बाहर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली और उसकी पहचान महेंद्र सिंह के रूप में हुई, तो परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
फिलहाल महेंद्र सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि महेंद्र सिंह की मौत किसी बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई है।
जांच अधिकारी का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के इलाके की भी जांच की जा रही है। यदि आसपास कहीं सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं तो उनकी फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि महेंद्र सिंह वहां कैसे पहुंचे और उनकी हालत कैसे बिगड़ी।
पुलिस ने बताया कि फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था। यदि जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अचानक हुई मौतों के मामलों में सच्चाई सामने आने तक परिवार को कितनी अनिश्चितता और दुख का सामना करना पड़ता है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
उधर महेंद्र सिंह के परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। परिजन अपने प्रियजन की अचानक हुई मौत से बेहद दुखी हैं और अभी भी यह समझ नहीं पा रहे कि जो व्यक्ति घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला था, वह इस तरह मृत अवस्था में कैसे मिला। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस घटना की असली वजह सामने आ सके।

