
डकैती कांड का बड़ा खुलासा: महिला सहित पांच गिरफ्तार, तीन बदमाश मुठभेड़ में घायल
मुंडाली गांव में मोती कारोबारी जहांगीर के घर हुई करोड़ों की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंडाली और किठौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस सनसनीखेज वारदात में शामिल एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से नकदी, लूटे गए जेवरात, अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है। हालांकि इस डकैती के मास्टरमाइंड और उसके कुछ साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

यह वारदात 20 जनवरी की रात को अंजाम दी गई थी। मुंडाली गांव में रहने वाले मोती कारोबारी जहांगीर के घर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब दस हथियारबंद बदमाशों ने अचानक धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और करीब आठ लाख रुपये की नकदी व कीमती जेवरात लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने की रणनीति बनाई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस डकैती की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि जहांगीर के ही पड़ोसी और उसकी फैक्टरी में काम करने वाले अय्याब ने रची थी। अय्याब को जहांगीर के घर की हर गतिविधि और आर्थिक स्थिति की जानकारी थी, जिसका उसने गलत फायदा उठाया।
बृहस्पतिवार देर रात मुंडाली पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध बदमाश इलाके में देखे गए हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से नासिर आशिक और इकदाद घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके पास से लूटे गए जेवरात, 63 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल और दो अवैध तमंचे बरामद किए।
इसी मामले में किठौर पुलिस को भी सफलता मिली। पुलिस मुठभेड़ के दौरान वांछित बदमाश मोहसिन को गिरफ्तार किया गया, जो जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। उसके पास से 30 हजार रुपये नकद, एक टीवीएस राइडर बाइक और तमंचा बरामद किया गया। इसके अलावा अय्याब के एक और साथी साकिब उर्फ अंडा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में घायल तीनों बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि इस डकैती की पूरी योजना अय्याब ने बनाई थी और उसी ने अपने साथियों को जहांगीर के घर की जानकारी दी थी। आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि वारदात में कुल दस लोग शामिल थे और लूट के बाद रकम व जेवरात आपस में बांट लिए गए थे। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच के दौरान पुलिस ने एक महिला की संलिप्तता का भी खुलासा किया। अय्याब की भाभी सितारा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसने लूटे गए जेवरात को बागपत में बेचने में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने उसके पास से भी नकदी और कुछ जेवरात बरामद किए हैं। महिला की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि इस डकैती को अंजाम देने के लिए पूरा गिरोह सक्रिय था और सभी की भूमिका पहले से तय थी।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा। एसएसपी ने यह भी कहा कि इस तरह की संगठित आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
डकैती कांड के खुलासे के बाद इलाके के लोगों ने राहत महसूस की है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।



