
झज्जर में रंगदारी का जाल: व्हाट्सएप कॉल से करोड़ों की मांग, गैंगस्टरों से सहमे कारोबारी
हरियाणा के झज्जर जिले में इन दिनों गैंगस्टरों का खौफ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में सामने आए दो मामलों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के नाम पर दो अलग-अलग लोगों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई है। यह मांग व्हाट्सएप कॉल के जरिए की गई, जिससे अपराधियों के बढ़ते हौसले और बदलते तौर-तरीकों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पहला मामला झज्जर के गुरुग्राम रोड पर स्थित एक गोशाला से जुड़ा है। गोशाला के संचालक सुनील निमाणा को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताया और सीधे 20 करोड़ रुपये की मांग कर दी। आरोपी ने बेहद धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर तय समय पर रकम नहीं दी गई, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस कॉल के बाद सुनील निमाणा घबरा गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कॉल करने वाला व्यक्ति लगातार उन्हें डराने की कोशिश कर रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इस घटना के बाद गोशाला से जुड़े कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भी डर का माहौल बन गया है।
दूसरा मामला झज्जर के डीघल गांव का है, जहां के निवासी और पेशे से फाइनेंसर सतीश उर्फ कुकु को भी इसी तरह व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी गई। कॉल करने वाले ने उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। सतीश ने बिना देर किए इस मामले की शिकायत दुजाना थाना पुलिस को दी।
सतीश की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल कहां से की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों मामलों में कोई आपसी कनेक्शन है या नहीं।
इन घटनाओं के बाद झज्जर जिले के व्यापारियों और कारोबारियों में भय का माहौल गहरा गया है। लोग अब खुद को और अपने परिवार को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके कारोबार पर भी असर डाल रही हैं, क्योंकि डर के माहौल में काम करना मुश्किल हो गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक साल में झज्जर जिले में करीब 10 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों को गैंगस्टरों के नाम पर धमकियां दी गई हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में रोहित गोदारा गैंग का नाम सामने आया है, जबकि कुछ मामलों में भाऊ गैंग का भी जिक्र हुआ है। इससे यह साफ है कि जिले में गैंगस्टरों का नेटवर्क धीरे-धीरे फैल रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि अपराधी अब पारंपरिक तरीकों की बजाय डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी देना उनके लिए आसान और सुरक्षित तरीका बन गया है। इससे उनकी पहचान छिपी रहती है और पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर सेल की मदद से कॉल की जांच की जा रही है और संदिग्ध नंबरों की डिटेल्स जुटाई जा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल किसी स्थानीय नेटवर्क से की गई या फिर बाहर से ऑपरेट की जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें इस तरह की कोई धमकी मिलती है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें और घबराएं नहीं। साथ ही किसी भी तरह की रकम देने से पहले पुलिस से संपर्क करना जरूरी है।
इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से गैंगस्टर खुलेआम लोगों को धमका रहे हैं, उससे यह साफ है कि उनके हौसले बुलंद हैं। खासकर छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन को इस दिशा में कड़े कदम उठाने की जरूरत है। गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन अपराधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
झज्जर में बढ़ती रंगदारी और धमकी की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस और प्रशासन मिलकर सख्त कदम उठाएं, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रह सके और अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकें।

