
जालंधर में पतंग का खेल बना मातम: 9 साल का मासूम गहरे गड्ढे में गिरकर हुआ हादसे का शिकार
जालंधर में बसंत पंचमी के दिन हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख लेकर आई। बच्चों की खेलकूद और उत्साह भरे पतंग उड़ाने के खेल ने अचानक एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मकसूदां क्षेत्र के सुरानुसी पेट्रोल पंप के पास स्थित खेत में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बारिश के पानी से भरा होने के कारण एक 9 वर्षीय मासूम शिवम के लिए जानलेवा साबित हुआ।

बरसाती पानी से फसल बचाने के लिए किसान ने यह गहरा गड्ढा खोदा था। शुक्रवार दोपहर जब बारिश थमी, तो आसपास के बच्चे पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चा पतंग लूटने के लिए खेत की ओर दौड़ पड़ा और इसी दौरान गहरे गड्ढे में गिर गया। हादसे की तत्काल सूचना किसी को नहीं मिली, क्योंकि आसपास मौजूद बच्चे घबरा कर घर भाग गए।
जब देर शाम तक शिवम घर नहीं लौटा, तो परिजन उसकी तलाश में निकल पड़े। काफी खोजबीन के बाद परिवार ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। थाना नंबर एक की पुलिस मौके पर पहुंची और रातभर चलाए गए तलाश अभियान के दौरान रात करीब 8 बजे खेत में बने गहरे गड्ढे से मासूम का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। थाना नंबर एक के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मासूम शिवम के परिजनों ने किसान पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि निजी फायदे के लिए खेत में इतना गहरा गड्ढा खोदा गया, जिसने उनके भतीजे की मौत का कारण बना। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाए और जिम्मेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह दुखद घटना न सिर्फ परिवार को हिला गई, बल्कि पूरे इलाके में शोक और चिंता फैल गई। बच्चों के खेलने और पतंग उड़ाने जैसी मासूम गतिविधियों को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर यह घटना गंभीर सवाल खड़ा करती है।
बसंत पंचमी का त्योहार खुशियों और उत्साह का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार जालंधर के मकसूदां क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने मासूम शिवम की जिंदगी छीन ली। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और गहनता के साथ की जाएगी, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके और भविष्य में किसी अन्य बच्चे को इस तरह के खतरे का सामना न करना पड़े।


