
जयमाला में बवाल—दूल्हे की हरकत से शादी बनी रणभूमि
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब जयमाला के मंच पर ही दूल्हे ने कथित तौर पर दुल्हन को लात मार दी। इस अप्रत्याशित घटना से समारोह में अफरा-तफरी मच गई और दोनों पक्षों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। देर रात दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने के बाद ही शादी की बाकी रस्में पूरी कराई जा सकीं।

जानकारी के अनुसार, घटना रामनगर कोतवाली क्षेत्र के गणेशपुर कस्बे की है, जहां धूमधाम से शादी का कार्यक्रम चल रहा था। बहराइच जिले के मुराइनपुरवा से बारात आई थी और घरातियों ने पूरे उत्साह के साथ बारात का स्वागत किया था। जयमाला की रस्म शुरू होते ही माहौल खुशियों से भरा हुआ था, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया।
बताया जा रहा है कि जयमाला के दौरान किसी बात को लेकर दूल्हा अचानक भड़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली कहासुनी के बाद उसने सबके सामने दुल्हन को लात मार दी। दूल्हे की इस हरकत से मंच पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। दुल्हन पक्ष के लोगों ने जब इसका विरोध किया और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो दूल्हे ने कथित तौर पर दुल्हन के पिता और भाई के साथ भी हाथापाई कर दी।
इस घटना के बाद माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। घराती और बराती आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते शादी का पंडाल रणभूमि में बदल गया। गुस्साए लोगों ने टेंट में रखी कुर्सियां तोड़ दीं, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई मेहमान जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ बाराती भी इस झड़प में घायल हुए। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने डायल 112 पर सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और रामनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को अलग कराया और फिर घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करना प्राथमिकता थी, क्योंकि माहौल काफी तनावपूर्ण हो चुका था। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। काफी देर तक चली समझाइश और पंचायत के बाद अंततः दोनों पक्षों ने लिखित समझौते पर सहमति जताई।
बताया जा रहा है कि समझौते के बाद ही शादी की बाकी रस्में पूरी कराई गईं। हालांकि, इस पूरी घटना ने शादी समारोह की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा है और लोग दूल्हे की हरकत की आलोचना कर रहे हैं।
पुलिस ने इस पूरे मामले को अनुशासनहीनता की गंभीर घटना मानते हुए दोनों पक्षों को थाने पर तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दी जाती है तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रही है और मामले पर नजर बनाए हुए है।
सामाजिक दृष्टि से भी इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी जैसे पवित्र और पारिवारिक आयोजन में इस तरह की हिंसक घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पहले ऐसे मामलों में परिवार आपसी समझदारी से काम लेते थे, लेकिन अब छोटी-छोटी बातों पर भी तनाव बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी समारोहों में बढ़ती आक्रामकता और अहंकार की टकराहट कई बार बड़े विवाद का रूप ले लेती है। ऐसे में परिवारों को संयम और संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि खुशी का मौका विवाद में न बदले।
फिलहाल बाराबंकी की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि जयमाला जैसे अहम और खुशी के पल में दूल्हे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस की निगरानी में शादी भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन इस घटनाक्रम ने दोनों परिवारों के रिश्तों पर गहरा असर जरूर छोड़ा है।



