उत्तर प्रदेश

घर में खामोशी, बाहर ताला… तीन दिन बाद बच्चों ने उजागर की मां की हत्या

शास्त्रीनगर इलाके में सामने आया यह मामला न सिर्फ एक महिला की हत्या की कहानी है, बल्कि दो मासूम बच्चों के उस दर्द की दास्तान भी है, जिन्होंने अपनी आंखों से मां की लाश देखी और फिर पूरी घटना दुनिया के सामने आई। घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली 35 वर्षीय चित्रा की कथित तौर पर उसके पति ने गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी बच्चों को साथ लेकर फरार हो गया, ताकि वारदात का खुलासा न हो सके। लेकिन तीन दिन बाद वही बच्चे इस जघन्य अपराध के सबसे बड़े गवाह बन गए।

शनिवार रात हुई वारदात

पुलिस जांच के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है। शास्त्रीनगर के के-ब्लॉक में किराए के कमरे में रहने वाली चित्रा रोज की तरह दिनभर काम कर घर लौटी थी। उसी रात उसका पति वीशू, जो पेशे से ऑटो चालक है, उससे किसी बात पर झगड़ पड़ा। आरोप है कि झगड़ा इतना बढ़ गया कि वीशू ने चित्रा की ही साड़ी से उसका गला दबा दिया। कुछ ही देर में चित्रा की मौके पर मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी घबरा गया। उसने शव को कमरे में ही बिस्तर पर छोड़ दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उसने चित्रा के दोनों बच्चों—11 वर्षीय हर्ष और 9 वर्षीय परी—को साथ लिया और घर से निकल गया।

बच्चों को लेकर रचा गया भटकाने का खेल

वीशू सीधे पुलिस या किसी रिश्तेदार के पास नहीं गया। वह बच्चों को लेकर रोहटा रोड स्थित अपने दोस्त सनी के घर पहुंचा। वहां उसने बच्चों को छोड़ दिया और खुद कहीं चला गया। दो दिन तक बच्चे वहीं रहे। सोमवार सुबह जब वीशू दोबारा वहां पहुंचा तो बच्चों ने मां के पास जाने की जिद की। मां से मिलने की बात कहकर वह दोनों को ऑटो में बैठाकर शास्त्रीनगर ले आया।

लेकिन मां के घर पहुंचाने के बजाय, उसने बच्चों को मजदूर चौक पर उतार दिया और वहां से फरार हो गया। अचानक खुद को अकेला पाकर बच्चे घबरा गए, लेकिन उन्हें इतना पता था कि उनका घर ज्यादा दूर नहीं है।

बंद कमरे के अंदर छिपा था सच

दोनों बच्चे पैदल चलते हुए के-ब्लॉक स्थित अपने कमरे तक पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि दरवाजा बाहर से बंद है। बच्चों को याद था कि उनकी मां काम पर जाते समय दूसरी चाबी गेट के पास रखती थी। उसी चाबी से उन्होंने ताला खोला और जैसे ही कमरे में कदम रखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

बिस्तर पर उनकी मां चित्रा का शव पड़ा था। गले में साड़ी का फंदा था और शरीर बिल्कुल शांत था। मां को इस हालत में देखकर दोनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।

पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना

पड़ोसियों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चों से बात की और घटना की पूरी जानकारी ली। बच्चों के मोबाइल में मौजूद नंबर से चित्रा की बहन रेखा को फोन कर दिल्ली में सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और रिश्तेदार आनन-फानन में मेरठ पहुंचे।

फोरेंसिक जांच, हत्या की पुष्टि

मेडिकल थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस को कमरे में संघर्ष के कुछ निशान मिले। चित्रा के गले में साड़ी का फंदा साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के सही कारण और समय की पुष्टि हो सके।

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बच्चों से भी पूछताछ की गई, जिन्होंने पिता की हरकतों के बारे में पुलिस को बताया।

पहले पति की मौत, दूसरी शादी बनी मुसीबत

पुलिस के अनुसार, चित्रा मूल रूप से बुलंदशहर के टांडा मोहल्ले की रहने वाली थी। उसकी पहली शादी मनोज से हुई थी, जिनसे उसे हर्ष और परी नाम के दो बच्चे हुए। करीब छह साल पहले मनोज की मौत हो गई थी। बच्चों की परवरिश के लिए चित्रा ने घरेलू सहायिका के रूप में काम शुरू किया।

करीब तीन साल पहले उसने रोहटा रोड के रहने वाले ऑटो चालक वीशू से दूसरी शादी की। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही हालात बिगड़ने लगे। मृतका के भाई रिंकू का आरोप है कि वीशू लगातार दहेज को लेकर चित्रा को प्रताड़ित करता था। मारपीट और झगड़े आम बात हो गई थी।

दहेज हत्या का मुकदमा, आरोपी फरार

चित्रा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने वीशू के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वारदात के बाद से फरार है। उसकी तलाश के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस आरोपी के दोस्त सनी और अन्य परिचितों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि उसके भागने के रास्ते और ठिकाने का पता लगाया जा सके।

मासूमों के सामने खड़ा अनिश्चित भविष्य

इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मां की हत्या और पिता के फरार होने के बाद हर्ष और परी का भविष्य सवालों के घेरे में है। फिलहाल बच्चे अपने मामा और मौसी के साथ हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर दहेज और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों पर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह भी दिखाता है कि अपराध कितना भी छिपाने की कोशिश की जाए, सच कभी न कभी सामने आ ही जाता है—कभी-कभी मासूम बच्चों की

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button