हरियाणा

गुरुग्राम निर्माण स्थल हादसा – मिट्टी धंसने से 7 मजदूरों की मौत, दो आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के Gurugram जिले के सिद्धरावली क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजना स्थल पर हुए दर्दनाक हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए गड्ढा खोदने के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए एक विशेष समिति भी गठित कर दी है।

जानकारी के अनुसार यह हादसा सिद्धरावली इलाके में स्थित Signature Global के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पर हुआ था। यहां एसटीपी के लिए गहरा गड्ढा खोदा जा रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और वहां काम कर रहे कई मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला गया। कई मजदूर गंभीर रूप से घायल थे, जबकि सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

मृतकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घायल मजदूरों को इलाज के लिए Geetanjali Hospital और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं जिन मजदूरों की हालत गंभीर थी, उन्हें आगे इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद जिन सात मजदूरों को मृत घोषित किया, उनकी पहचान शिवकुमार, संजीव गोपे, भागीरथ गोपे, मंगल चंद्र महतो, रंजीत महतो, परमेश्वर महतो और सतीश के रूप में हुई। वहीं हादसे में घायल हुए मजदूरों में इन्द्रजीत, छोटेलाल और शिवकाम चौधरी सहित कई अन्य मजदूर शामिल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। आरोप है कि ठेकेदार और निर्माण से जुड़ी कंपनियों ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

इस मामले में पुलिस ने बिलासपुर थाने में केस दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता Sandeep ने बताया कि शिकायत के आधार पर कई लोगों को नामजद किया गया है। इनमें Global City of Colors, Balaji Construction Company (BICPL), ठेकेदार दीनदयाल शर्मा उर्फ डी.डी. शर्मा, प्रोजेक्ट इंचार्ज दिनेशवीर, साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज विकास पांडे और सेफ्टी इंचार्ज अधिकारी शामिल हैं।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेशवीर और स्ट्रक्चर इंजीनियर विकास पांडे शामिल हैं। दिनेशवीर उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चिरावली गांव का रहने वाला है, जबकि विकास पांडे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र का निवासी बताया गया है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में किसी और की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस गंभीर हादसे को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। Ajay Kumar ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य हादसे के असली कारणों का पता लगाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।

जांच समिति की अध्यक्षता Darshan Yadav को सौंपी गई है। इसके अलावा समिति में Pataudi के सहायक पुलिस आयुक्त, जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) और लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

प्रशासन की ओर से समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंपे। समिति यह भी जांच करेगी कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

हादसे के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना सोमवार देर रात हुई थी, लेकिन इसके बावजूद बिल्डर की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना नहीं दी गई। जब मिट्टी में दबे मजदूरों को निकालकर अस्पताल ले जाया गया, तब वहां से राजस्थान पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिसके कारण इस तरह के हादसे होते हैं।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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