
गाज़ीपुर फ्लैट में रहस्यमयी गंध से मासूम की मौत, बड़ी बहन बेहोश
पूर्वी दिल्ली के गाज़ीपुर इलाके से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक फ्लैट के अंदर अचानक आई संदिग्ध रासायनिक गंध की वजह से ढाई साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन बेहोश हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए। फिलहाल पुलिस और विशेषज्ञ टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर फ्लैट के अंदर यह रहस्यमयी केमिकल जैसी गंध कहां से आई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार दोपहर की है। जानकारी के अनुसार, गाज़ीपुर स्थित आशीर्वाद अपार्टमेंट के एक फ्लैट से अचानक तेज केमिकल जैसी गंध आने की सूचना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए दी गई। कॉल में बताया गया कि फ्लैट के कमरे में मौजूद दो छोटी बच्चियां अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गई हैं।
सूचना मिलते ही गाज़ीपुर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने देखा कि फ्लैट के अंदर दो बच्चियां अचेत अवस्था में पड़ी हुई थीं। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। बताया जा रहा है कि बच्चों को इलाज के लिए नोएडा के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने ढाई साल की मासूम बच्ची सन्ना खातून को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसकी बड़ी बहन राफिया खातून, जिसकी उम्र करीब साढ़े सात साल बताई जा रही है, इलाज के बाद होश में आ गई और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची खतरे से बाहर है और उसकी निगरानी की जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना के समय दोनों बच्चियां अपनी मां के साथ घर में ही मौजूद थीं। मां ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनें कमरे के अंदर आपस में खेल रही थीं। खेलते-खेलते अचानक दोनों बच्चियां एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ ही पलों में दोनों बच्चियां बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
मां ने बताया कि उस समय कमरे के अंदर एक अजीब और तेज गंध भी महसूस हो रही थी, जिससे उन्हें शक हुआ कि कहीं कोई केमिकल या जहरीली गैस तो नहीं फैल गई है। जब बच्चियां बेहोश हो गईं तो घबराकर परिवार वालों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
घटना के समय बच्चों के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। वह पेशे से दर्जी हैं और पास में ही अपनी दुकान चलाते हैं। जैसे ही उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली, वह तुरंत अपनी दुकान बंद कर घर पहुंचे। घर पहुंचते ही अपनी छोटी बेटी की मौत की खबर सुनकर पिता बदहवास हो गए और परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ-साथ क्राइम टीम और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने फ्लैट के अंदर और आसपास के इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फ्लैट के अंदर आई यह संदिग्ध गंध किस वजह से फैली थी। संभावना जताई जा रही है कि किसी केमिकल पदार्थ का रिसाव हुआ हो सकता है या फिर घर में रखे किसी पदार्थ से जहरीली गैस निकली हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहिणी स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) से केमिकल एक्सपर्ट की टीम को बुलाया है। विशेषज्ञ फ्लैट के अंदर मौजूद सभी चीजों की जांच करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आखिर वह कौन सा केमिकल था, जिसकी वजह से बच्चियां बेहोश हुईं।
इसके अलावा पुलिस फ्लैट में मौजूद सामान, गैस सिलेंडर, कीटनाशक या किसी अन्य केमिकल पदार्थ की भी जांच कर रही है। आसपास के पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना से पहले किसी ने किसी तरह की असामान्य गंध या गतिविधि महसूस की थी या नहीं।
इस दर्दनाक हादसे के बाद आशीर्वाद अपार्टमेंट के लोगों में डर और चिंता का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि अचानक इस तरह की गंध आना बेहद चिंताजनक है और इसकी सही वजह जल्द से जल्द सामने आनी चाहिए।
पुलिस ने मृत बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
वहीं, इस घटना ने एक बार फिर लोगों को घरों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और जहरीले पदार्थों के प्रति सावधान रहने की जरूरत की याद दिला दी है। पुलिस और विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर उस रहस्यमयी गंध का स्रोत क्या था, जिसने एक मासूम की जान ले ली और पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।



